नैनीताल: निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग का शिकंजा! अभिभावकों को लौटाए गए 39 लाख रुपये से अधिक
नैनीताल। नैनीताल जिले में अप्रैल, 2026 में निजी विद्यालयों द्वारा की गई मनमानी के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। अतिरिक्त शुल्क की वापसी प्रारंभ होने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। मुख्य शिक्षा अधिकारी रंजीत सिंह नेगी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अप्रैल माह में निजी विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे अतिरिक्त एवं अवैध शुल्क की जांच हेतु जिलाधिकारी के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की गई थी। जांच में जनपद के 87 निजी विद्यालयों द्वारा नियमविरुद्ध शुल्क वसूले जाने की पुष्टि हुई थी। प्रशासन द्वारा लिए गए अतिरिक्त शुल्क की वापसी अथवा आगामी माह के शुल्क में समायोजन करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के अनुपालन में चलाए गए अभियान में नैनीताल के 46 विद्यालयों द्वारा ₹39,05,405/- (उनतालीस लाख पाँच हजार चार सौ पाँच रुपये) की धनराशि अभिभावकों को वापस कर दी गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में चले इस अभियान के बाद 08 विद्यालयों ने नियमविरुद्ध बढ़ाए गए शिक्षण शुल्क को कम किया है। इसके अतिरिक्त जनपद के 39 विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से लिया जा रहा परीक्षा शुल्क कम किया गया है। 15 निजी विद्यालयों द्वारा लिया जा रहा पंजीकरण शुल्क कम या शून्य कर दिया गया है। टीसी शुल्क ₹1 किया गया, जांच में पाया गया कि विभिन्न विद्यालयों द्वारा टी.सी. (Transfer Certificate) मद में सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क ₹1 के स्थान पर ₹100 से लेकर ₹1,000 तक वसूला जा रहा था। प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद उक्त शुल्क को घटाकर ₹1 कर दिया गया है तथा अतिरिक्त वसूल की गई राशि अभिभावकों को वापस/समायोजित की गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल ने बताया कि जिन विद्यालयों द्वारा अब तक अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया गया है, उन पर विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नियमविरुद्ध फीस वसूलने वाले विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी शासन को प्रेषित की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभिभावकों के शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।