उत्तराखंड:बाघ के आतंक की वजह से इस जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दो दिन का अवकाश हुआ घोषित!बाघ द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षक को निवाला बनाने के बाद ग्रामीणों में फैली है दहशत
उत्तराखंड में बाघ की दहशत नई बात नही है लेकिन बाघ की दहशत से अवकाश घोषित शायद पहली बार हो रहा है। कोटद्वार में बाघ के हमले में सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत के बाद जिला प्रशासन द्वारा दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
दरअसल सेवानिवृत्त शिक्षक को जब से बाघ ने अपना निवाला बनाया है तभी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
घटना से लोगो मे पैदा हुए भय को देखते हुए और बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है। बताया जा रहा कि शिक्षक से पहले भी यहां खेत में काम कर रहे हैं ग्रामीण को बाघों ने अपना निवाला बनाया था,जिसके बाद लोग घरों तक से निकलने में डरने लगे है।
एसडीएम लैन्सडोन के पत्र संख्या-175 / आ०ए०-2023 दिनांक 14 अप्रैल 2023 एवं तहसीलदार रिखणीखाल के पत्र संख्या मैमो / 20 का०-आपदा/2022-23 दिनांक 16 अप्रैल 2023 में लिखा है कि शाम दिनांक 13.04.2023 को समय 5:00 बजे ग्राम डल्ला, पटटी पैनो-4 तहसील रिखणीखाल अन्तर्गत में बाघ द्वार हमला किये जाने से एक व्यक्ति की मृत्यु होने के कारण ग्राम डल्ला, पटटी पैनो-4 तहसील रिखणीखाल एवं उसके आस-पास के निकटवती क्षेत्र में भय का माहौल बना होने के कारण एवं विद्यालय जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत स्थिति सामान्य होने तक ग्राम डल्ला, पटटी पैनो-4, मेलधार, क्वीराली तोल्यां गाडियू, जुई, द्वारी, काण्डा, कोटडी आदि क्षेत्रान्तर्गत विद्यालयों/ आंगनबाडी केन्द्रों में 2 दिन यानी दिनांक 17.04.2023 एवं दिनांक 18.04.2023 को दो दिन का अवकाश घोषित किये जाने हेतु आख्या प्रेषित की गयी है।
