आस्था के मंच पर उपद्रव का साया: हरिद्वार में रामलीला में बवाल,पत्थरबाजी से मची अफरातफरी, महिलाओं समेत कई लोग घायल
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के बहादराबाद कस्बे में ऐतिहासिक और पारंपरिक 128वें श्रीरामलीला वार्षिकोत्सव के दौरान अचानक हुए बवाल और पथराव से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सैकड़ों श्रद्धालुओं और कलाकारों की मौजूदगी में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई इस अभद्रता और पत्थरबाजी के कारण रामलीला का मंचन बीच में ही रोकना पड़ा। अचानक हुए इस हमले में महिलाओं और दर्शकों समेत कई लोगों के घायल होने की खबर है, जिससे धार्मिक आयोजन स्थल पर अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया।
बहादराबाद कस्बे में आयोजित 128वें श्रीरामलीला वार्षिकोत्सव के दौरान शुक्रवार देर रात हंगामे और कथित पत्थरबाजी से अफरातफरी मच गई। आरोप है कि कुछ लोग पहले रामलीला स्थल पर पहुंचे और शोर-शराबा करने लगे। मौजूद लोगों के समझाने पर वे वहां से चले गए, लेकिन कुछ देर बाद करीब 25 से 30 लोगों के साथ दोबारा लौट आए। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज करते हुए रामलीला बंद कराने की धमकी दी गई और मंच की ओर पत्थर फेंके गए। अचानक हुई इस घटना से कलाकारों और दर्शकों में दहशत फैल गई। पत्थर लगने से महिलाओं समेत कई लोगों के घायल होने की बात कही गई है। घटना के चलते रामलीला का मंचन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष रविंद्र चौहान ने पुलिस को शिकायत पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के मुताबिक, बहादराबाद कस्बे के शिव मंदिर में वर्षों से श्रीरामलीला का मंचन होता आ रहा है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी 128वें श्रीरामलीला वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।रविंद्र चौहान के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11 बजे कुछ अज्ञात व्यक्ति रामलीला स्थल पर पहुंचे और शोर-शराबा करने लगे। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद वे वहां से चले गए। हालांकि, आरोप है कि कुछ देर बाद वे करीब 25 से 30 अन्य लोगों के साथ फिर से आयोजन स्थल पर पहुंचे। इसके बाद वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोबारा पहुंचे लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और रामलीला बंद कराने की धमकी दी। इसी दौरान मंच की ओर पत्थर फेंके जाने लगे। अचानक हुई पत्थरबाजी से आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कलाकारों और दर्शकों के बीच अफरातफरी फैल गई। परिवारों के साथ रामलीला देखने पहुंचे लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया। समिति की ओर से महिलाओं समेत कई लोगों के घायल होने की बात कही गई है। हालांकि, घायलों की सही संख्या, उनकी चोटों की गंभीरता और घटना के संबंध में विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पत्थरबाजी के कारण धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन बाधित हुआ और कुछ समय के लिए मंचन रोकना पड़ा। बहादराबाद के शिव मंदिर में आयोजित होने वाली रामलीला स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा कार्यक्रम है। ऐसे आयोजन में कथित हंगामे और पत्थरबाजी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। आयोजन समिति की शिकायत के बाद अब मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष रविंद्र चौहान ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच और आरोपों की पुष्टि के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, घटना में शामिल बताए जा रहे लोगों की पहचान, पत्थरबाजी के कारण और विवाद की पृष्ठभूमि जैसे सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे। धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है। ऐसे में शिकायत पर निष्पक्ष जांच, घायलों के संबंध में जानकारी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई से ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।