उत्तराखंड: ऊधम सिंह नगर जिले में प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी के फार्म हाउस पर कब्जे का विवाद गहराया! कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ धरने पर बैठे, दी बड़ी चेतावनी, भारी फोर्स तैनात

Uttarakhand: Dispute over the occupation of Priyanka Gandhi Vadra's sister-in-law's farmhouse in Udham Singh Nagar district escalates! Congress MLA Tilak Raj Behar stages a sit-in protest and issues

रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, यहां किच्छा क्षेत्र में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा के फार्म हाउस को लेकर कब्जे का विवाद तूल पकड़ गया है। पिपलिया मोड़ स्थित खान फार्म पर स्वामित्व और कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पूरे इलाके में गहमा-गहमी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया गया। 
इस मामले ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया, जब किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और खान फार्म के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। विधायक बेहड़ ने प्रशासन पर पक्षपात और लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह प्रदेश और केंद्र सरकार को जिले के अधिकारियों के खिलाफ पत्र भेजेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। 
वहीं मामले में सायरा वाड्रा ने आरोप लगाया कि पिपलिया मोड़ स्थित खान फार्म उनकी बुआ की वसीयत के आधार पर उनके अधिकार में है। उनका कहना है कि फार्म पर उनके कर्मचारी और मजदूर कार्य कर रहे थे, लेकिन नसरिन सांगा ने कथित तौर पर उन्हें हटाकर जबरन कब्जा कर लिया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर कब्जा हटाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 
इधर फार्म हाउस के अंदर मौजूद नसरिन सांगा ने सायरा वाड्रा, विधायक तिलक राज बेहड़ और कांग्रेस नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा। इस दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े रहने के कारण मौके पर कई घंटों तक गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत कर माहौल शांत रखने का प्रयास किया। 
इधर धरने के दौरान विधायक तिलक राज बेहड़ ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वह एक-दो दिन के भीतर जिले के सभी अधिकारियों के नाम प्रदेश और केंद्र सरकार को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजेंगे, ताकि पूरे मामले की जानकारी उच्च स्तर तक पहुंच सके। 
वहीं विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर कई थानों की पुलिस, पीएसी और वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात कर दिया है। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत रहने की अपील की है। फिलहाल यह मामला ऊधम सिंह नगर जिले की सियासत में खासा गरमाता नजर आ रहा है।