Good Morning India: संसद में हंगामे के बीच 36 मिनट में पास हुए 7 बिल, जिम्बाब्वे में ओवरलोड नाव पलटने से 15 की मौत,स्वतंत्रता दिवस पर आईएसआई की बड़ी साज़िश का खुलासा,रूस में फंसे पिथौरागढ़ के दो भाई 97 दिन बाद सकुशल लौटे,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें 

Good Morning India: 7 bills passed in 36 minutes amidst uproar in Parliament, 15 dead after an overloaded boat capsized in Zimbabwe; major ISI plot for Independence Day exposed; two brothers from Pit

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

जिम्बाब्वे की करिबा झील में बड़ा हादसा: ओवरलोड नाव पलटने से 15 की मौत, 27 लोग अब भी लापता,77 को बचाया गया। 

एआई के खतरों पर पुतिन का दबंग अंदाज़, दी 'दिमाग सिकुड़ने' की चेतावनी,कहा-मैं किसी से नहीं डरता।

एयर इंडिया फ्लाइट हादसा: पायलट का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव,नशे में उड़ान भरने की पुष्टि। 

स्वतंत्रता दिवस पर आईएसआई की बड़ी साज़िश का खुलासा: टियर-2 शहरों में हमले की आशंका,अलर्ट जारी। 

संसद का मानसून सत्र: हंगामे के बीच 36 मिनट में पास हुए 7 बिल, 'प्रश्नकाल' पूरी तरह ठप। 

अरुणाचल का 'लोंगजू' क्षेत्र: सोशल मीडिया पर चीनी कब्जे के दावों को सरकार ने किया खारिज, सेना सतर्क। 

राम मंदिर सीईओ चयन: 34 कड़े सवालों से होगी परीक्षा,अंतिम फैसला ट्रस्ट का। 

रेल यात्रियों को बड़ी सौगात: 2700 करोड़ से पटरी पर उतरेंगी 27 नई वंदे भारत,280 किमी की स्वदेशी ट्रेन पर भी काम तेज। 

मुंबई के विलेपार्ले में दर्दनाक हादसा: 12 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग,ढाई साल के मासूम समेत 2 की मौत। 

नेपाल में गूंजा 'हिंदू राष्ट्र' का नारा: मुस्लिम सांसद का खुला समर्थन, बोले-मैं मुस्लिम हूं, लेकिन धार्मिक सद्भाव के पक्ष में। 

उत्तराखंड में मानसून का कहर: टिहरी-बागेश्वर में भारी बारिश का यलो अलर्ट, नीति घाटी में राहत कार्य जारी। 

चारधाम यात्रा ने रचा नया रिकॉर्ड: 114 दिनों में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालु, पिछले साल से 4.68 लाख अधिक। 

रूस में फंसे पिथौरागढ़ के दो भाई 97 दिन बाद सकुशल लौटे,सीएम धामी के हस्तक्षेप से मिली नई ज़िंदगी। 

चंपावत में भीषण हादसा: 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार,1 की मौत व 3 घायल, डीएम ने दिए जांच के आदेश

कलयुगी नाती की हैवानियत: 90 साल की मूक-बधिर नानी से दुष्कर्म के बाद हत्या,26 दिन बाद महिला ने तोड़ा दम

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-हरारे। जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध करिबा झील में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। क्षमता से अधिक यात्रियों से भरी एक नाव अचानक झील के बीचों-बीच अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 लोगों की जलसमाधि हो गई, जबकि 27 यात्री अब भी लापता हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी और सिविल प्रोटेक्शन यूनिट के अनुसार, नाव पर क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे। 90 यात्रियों की क्षमता वाली इस नाव में टिकट बिक्री के रिकॉर्ड के मुताबिक 114 वयस्क और 5 क्रू मेंबर्स मौजूद थे। बच्चों की कोई आधिकारिक गिनती न होने से आशंका है कि सवारों की कुल संख्या इससे भी अधिक हो सकती है। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। झील में स्पीडबोट्स और हेलीकॉप्टर की मदद से चलाए गए सर्च ऑपरेशन के जरिए 77 यात्रियों को सुरक्षित बचाकर पास के एक द्वीप पर पहुंचाया गया है। स्थानीय सांसद मुत्सा मुरोम्बेडजी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि सफर शुरू होने से पहले ही किनारे पर मौजूद ग्रामीण तेज लहरों और नाव की स्थिति को लेकर चिंतित थे। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों के लोग करिबा शहर तक पहुंचने के लिए इस जलमार्ग का अक्सर इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल, लापता 27 लोगों की तलाश में पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार अभियान चला रही है।

रूस। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते असर और इसके खतरों को लेकर वैश्विक बहस के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बड़ा बयान सामने आया है। नौवोसिरबिर्स्क में युवा शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए पुतिन ने चेतावनी दी कि एआई  का अंधाधुंध इस्तेमाल समाज को दो हिस्सों में बांट सकता है। पुतिन के मुताबिक, पहला वर्ग 'बौद्धिक अभिजात वर्ग' का होगा, जो जागरूक और सोचने-समझने में सक्षम होंगे। वहीं दूसरा वर्ग केवल "बटन दबाने वाले" लोगों का होगा, जिनका दिमाग एआई पर अत्यधिक निर्भरता के कारण 'चमड़े की तरह सिकुड़ने' लगेगा। कार्यक्रम के दौरान जब एक युवा वैज्ञानिक ने उनसे एआई से न डरने की बात कही, तो पुतिन ने अपने ट्रेडमार्क दबंग अंदाज़ में कहा-और मैं कभी किसी चीज़ से नहीं डरा हूँ! यूक्रेन युद्ध के बाद तकनीकी प्रतिभाओं के पलायन को रोकने और रूस की 14 करोड़ आबादी को हुनरमंद बनाने के लिए पुतिन सरकार बड़े कदम उठा रही है। पुतिन ने एआई  पर एक राष्ट्रपति आयोग का गठन किया है और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में बदलाव किए हैं। रूस का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी एआई मॉडल विकसित कर 'तकनीकी संप्रभुता' हासिल करना है, ताकि बाहरी देशों पर निर्भरता खत्म हो और तकनीक पर रूस का अपना नियंत्रण रहे।

नई दिल्ली। फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में अचानक विमान 300 फीट नीचे गिरने के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फ्लाइट के कैप्टन का दूसरा (कन्फर्मेटरी) डोप टेस्ट भी पॉजिटिव आया है, जिसमें प्रतिबंधित नशीले पदार्थ (मारिजुआना) के सेवन की पुष्टि हुई है। यह गंभीर घटना 4 अगस्त की है, जब 137 यात्रियों और 8 क्रू मेंबर्स को ले जा रहा विमान हवा में अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था। इस अप्रत्याशित झटके के कारण विमान में सवार 20 यात्री और 4 केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए थे। हालाँकि, विमान सुरक्षित दिल्ली उतर गया था, लेकिन इसके तुरंत बाद दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटांस टेस्ट कराया गया। शुरुआती जांच के बाद कन्फर्मेटरी लैब टेस्ट ने भी पायलट द्वारा नशीले पदार्थ के सेवन पर मुहर लगा दी है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी और विमानन नियमों को और कड़ा किया जाएगा। हालांकि, विमान का अचानक नीचे गिरना और पायलट के नशे में होने के बीच सीधा संबंध है या नहीं, इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो कर रहा है। सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक के बाद अब एयरलाइन के पूरे ऑपरेशनल प्रोटोकॉल की भी गहन जांच की जा रही है।

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत में आतंकी हमले की आशंका को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत विरोधी तत्व 15 अगस्त के आसपास देश में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि निशाना केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अंदरूनी हिस्सों में भी हमले की कोशिश हो सकती है। एक खुफिया अधिकारी के मुताबिक, आईएसआई को लगता है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का ध्यान प्रमुख कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा। इसी का फायदा उठाकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जा सकती है। खुफिया एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के साथ-साथ बांग्लादेश सीमा के रास्ते भी आतंकियों को भारत में दाखिल कराने की आशंका जताई है। इसके अलावा टियर-2 शहरों को भी संभावित निशाना बनाए जाने की चेतावनी दी गई है, जहां महानगरों की तुलना में सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कम हो सकती है। अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान के अंदरूनी हालात और गुलाम जम्मू-कश्मीर तथा बलूचिस्तान में जारी अस्थिरता के बीच आईएसआई भारत में हमला कर अपना ध्यान भटकाने की कोशिश कर सकती है। सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील स्थानों, सीमाओं और प्रमुख शहरों में निगरानी बढ़ा रही हैं।

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र दिल्ली में पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष के तीखे विरोध और लगातार वॉकआउट के बावजूद, विधायी कामकाज के मामले में सरकार ने अपना एजेंडा तेजी से आगे बढ़ाया है। सत्र खत्म होने में दो दिन बाकी रहते हुए अब तक 19 विधेयक पारित कराए जा चुके हैं। हंगामे का आलम यह रहा कि एक मौके पर संसद में महज 36 मिनट के भीतर 7 बिल बिना किसी विस्तृत चर्चा के पास कर दिए गए यानी औसतन हर पांच मिनट में एक विधेयक। लोकसभा ने 15 दिनों में निर्धारित 90 घंटों के मुकाबले महज 15 घंटे 36 मिनट ही काम किया, जबकि राज्यसभा में 24 घंटे 21 मिनट कार्यवाही चली। इस पूरे सत्र में सबसे अधिक प्रभावित 'प्रश्नकाल' रहा, जो हंगामे के कारण पूरी तरह से संचालित ही नहीं हो सका। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों को सवाल पूछने का मौका न मिल पाने पर गहरी चिंता जताई। हालांकि, सरकार की मुख्य उपलब्धि 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक' रहा, जिस पर दोनों सदनों में लंबी चर्चा हुई। विपक्ष ने शुरुआत में नारेबाजी की, लेकिन अंत में वॉकआउट कर दिया। एफसीआरए और परिसीमन जैसे कुछ विवादास्पद बिल अभी लंबित हैं, जिन्हें लेकर गतिरोध बरकरार है।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश के रणनीतिक 'लोंगजू' इलाके पर चीन के नए कब्जे के दावों को भारत सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार व सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना और आईटीबीपी सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद हैं तथा चीनी गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। ऊपरी सुबनसिरी जिले के पास स्थित लोंगजू पर चीन का अवैध कब्जा नया नहीं, बल्कि 1959 से चला आ रहा है। 25 अगस्त 1959 को चीनी पीएलए ने असम राइफल्स की अग्रिम चौकी पर अचानक हमला कर दिया था, जिसमें भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। 1962 के युद्ध के बाद जब चीनी सेना पीछे हटी, तब भी उसने रणनीतिक ऊंचाई और सुबनसिरी घाटी पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए लोंगजू को खाली नहीं किया। चीन को डर है कि यदि भारत लोंगजू पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लेता है, तो तिब्बत में उसकी ल्हासा-सिक्किम रेल और रोड नेटवर्क सीधे भारतीय तोपखाने की ज़द में आ जाएंगे। इसी खौफ में चीन ने सीमा पर 'शाओकांग' (द्वि-उपयोगी गांव) और पक्की सड़कें बनाई हैं। दूसरी ओर, भारत ने भी किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए सीमावर्ती इलाकों में सड़कों, सुरंगों, हवाई पट्टियों का जाल बिछा दिया है तथा ब्रह्मोस व राफेल जैसे आधुनिक हथियारों की तैनाती से अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। नए सीईओ का चुनाव करने के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति (सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त ले. जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी) ने 34 बिंदुओं का एक विस्तृत मूल्यांकन प्रारूप तैयार किया था, जिसमें भीड़ प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और धार्मिक जुड़ाव पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। सीईओ पद के लिए 50 से 70 वर्ष की आयु सीमा और कम से कम 20 वर्ष का प्रशासनिक, वित्तीय व सुरक्षा अनुभव अनिवार्य रखा गया था। आवेदकों से 1,000 से 5,000 कर्मचारियों के नेतृत्व और लाखों की भीड़ वाले बड़े आयोजनों के प्रबंधन का अनुभव मांगा गया है। अंतिम 18 आवेदकों में से 3 सर्वश्रेष्ठ नामों का एक पैनल तैयार कर 2 सितंबर से पहले ट्रस्ट को सौंपा जाएगा, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम साक्षात्कार लेकर सीईओ का नाम घोषित करेगा। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से 3 वर्षों के लिए होगी। सूत्रों के अनुसार, चयन में संघ के अधिकारियों की राय भी महत्वपूर्ण होगी। राम मंदिर का नया सीईओ परिसर के दैनिक प्रशासन, सुरक्षा, जनसंपर्क और विशाल भीड़ को नियंत्रित करने का काम संभालेगा। हालांकि, सीईओ को स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अधिकार नहीं होगा। वह पूरी तरह से ट्रस्ट और महासचिव के प्रति जवाबदेह रहेगा और ट्रस्ट के निर्णयों को लागू करने की जिम्मेदारी निभाएगा।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे देश में रेल सफर की तस्वीर बदलने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और रफ्तार देने के लिए चालू वित्त वर्ष में ₹2,700 करोड़ से अधिक की लागत से लगभग 27 नई सेमी-हाई स्पीड 'वंदे भारत' ट्रेनें तैयार की जा रही हैं।चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री और कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री में इनका निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान में देश भर में 100 से अधिक वंदे भारत (चेयरकार व स्लीपर) दौड़ रही हैं, लेकिन उत्पादन के लिहाज से यह साल सबसे बड़ा साबित होने वाला है। एक वंदे भारत ट्रेन सेट की लागत लगभग ₹100 करोड़ से अधिक है। वंदे भारत के साथ ही रेलवे अब अगली पीढ़ी की तकनीक पर काम कर रहा है। आईसीएफ चेन्नई और बीईएमएल मिलकर 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली पूरी तरह स्वदेशी 'हाई-स्पीड ट्रेन' का निर्माण कर रहे हैं। शुरुआती योजना के मुताबिक, इस स्वदेशी सुपर ट्रेन को देश में बन रहे बुलेट ट्रेन ट्रैक पर चलाया जा सकता है। इससे भारत रेल निर्माण के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।

मुंबई। मुंबई के विलेपार्ले (पश्चिम) स्थित सेंट जेवियर स्कूल के पास शांता भवन नाम की एक बहुमंजिला इमारत की 11वीं मंजिल पर मंगलवार देर रात 10:02 बजे भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में ढाई साल के मासूम और एक युवती की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए।
मुंबई फायर ब्रिगेड और बीएमसी के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, 108 एम्बुलेंस और बीएमसी वार्ड के कर्मचारी मौके पर पहुँचे। दमकल कर्मियों ने 12वीं मंजिल से 6 लोगों को बाहर निकाला और तुरंत नानावटी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने ढाई साल के अबीर और 23 वर्षीय अंकिता को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पार्थ (32), हीरेन (64), यशस्वी और अभिषेक का इलाज जारी है, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अग्निशमन विभाग ने शुरुआत में रात 10:08 बजे इसे 'लेवल 1' की मामूली आग माना था, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10:16 बजे इसे 'लेवल 2' (मध्यम) घोषित कर दिया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है और देर रात तक कूलिंग ऑपरेशन जारी रहा। फिलहाल आग लगने के मुख्य कारणों का पता नहीं चल पाया है, जिसकी जांच की जा रही है।

काठमांडू। नेपाल में 18 साल बाद हिंदू राष्ट्र की बहाली की मांग फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। इसी बीच राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) के मुस्लिम सांसद ताहिर अली भाट के बयान ने इस मुद्दे को नया सियासी आयाम दे दिया है। भाट ने कहा कि वह मुस्लिम हैं, लेकिन हिंदू राष्ट्र और धार्मिक सद्भाव के पक्षधर हैं।
प्रतिनिधि सभा के सदस्य ताहिर अली भाट राप्रपा से समानुपातिक प्रतिनिधित्व के तहत मुस्लिम पुरुष वर्ग से सांसद चुने गए हैं। उनकी पार्टी लंबे समय से नेपाल को फिर हिंदू राष्ट्र बनाने और संवैधानिक राजसंस्था की बहाली की मांग उठाती रही है। ऐसे में पार्टी के मुस्लिम सांसद का हिंदू राष्ट्र के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। नेपाल में वर्ष 2008 में राजशाही समाप्त होने के बाद देश को धर्मनिरपेक्ष गणराज्य घोषित किया गया था। इसके बाद से राप्रपा समेत कई समूह नेपाल को दोबारा हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग करते रहे हैं। भाट के बयान में हिंदू राष्ट्र के समर्थन के साथ धार्मिक सद्भाव पर जोर दिए जाने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बीच सुनसरी में हिंसा और तनाव के बाद पूर्व राजा ज्ञानेंद्र वीर विक्रम शाहदेव ने भी सभी समुदायों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नेपाल की बहुजातीय, बहुभाषिक और धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता देश की पहचान है। उन्होंने हिंसा में हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताते हुए कहा कि तनाव का अन्य क्षेत्रों में फैलना चिंताजनक है। नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग अब केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता के सवाल से भी जुड़ती जा रही है।

आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जल्द ही निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा देने जा रही है। इसके लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी योजना का शुभारंभ करेंगे। सरकार का उद्देश्य युवाओं को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और परीक्षा की तैयारी का बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। इस योजना का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों को मिलेगा। योजना के तहत यूपीएससी, पीसीएस, सीडीएस, बैंकिंग, रेलवे और एसएससी जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा सीएटी, एमएटी, जीएटीई, एनईटी और सीएसआईआर-नेट जैसी प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाओं के लिए भी ऑनलाइन मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। योजना पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा की गई थी। अब सरकार इसे जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी में है। सरकार का मानना है कि महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ विद्यार्थियों के लिए यह योजना बेहद उपयोगी साबित होगी। खासकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को घर बैठे विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलने का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें देहरादून और दूसरे बड़े शहरों में जाकर कोचिंग लेने की मजबूरी कम होगी। योजना के जरिए सरकार युवाओं को केवल कोचिंग उपलब्ध कराने के बजाय प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर और करियर निर्माण का मजबूत आधार देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। पहाड़ से लेकर मैदान तक जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आज टिहरी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारों का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश भर में बहुत भारी बारिश के आसार हैं। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। देहरादून-मसूरी मार्ग पर कोल्हूखेत के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं, चमोली की नीति घाटी में आई आपदा के बाद प्रमुख मार्गों के बंद होने से लोगों की दिक्कतें बनी हुई हैं, जहाँ राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में गर्जन के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई है और यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

देहरादून। मानसून की चुनौतियों के बीच उत्तराखंड की चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह का नया रिकॉर्ड बना रही है। इस यात्रा सीजन में अब तक 47 लाख 2 हजार 703 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। 10 अगस्त तक 114 दिनों में दर्ज यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले करीब 4.68 लाख अधिक है। चारधाम यात्रा की शुरुआत इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। लगातार बारिश, भूस्खलन और मौसम की चुनौती के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकार का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा का संचालन और नियंत्रण किया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक 16 लाख 12 हजार 112 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री में 7 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री में 6 लाख 62 हजार 347 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब में भी आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। यहां अब तक 2 लाख 40 हजार 499 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम और यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों में सुरक्षा जवान तैनात हैं। यात्रियों के ठहरने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। सरकार के मुताबिक, मानसून के बावजूद श्रद्धालुओं का बढ़ता उत्साह यात्रा की लोकप्रियता और आस्था का बड़ा प्रमाण है।

देहरादून। नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार होकर रूस में 97 दिनों तक बंधक बने पिथौरागढ़ के दो भाइयों—आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की की सुरक्षित घर वापसी हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के त्वरित संज्ञान, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के साझा प्रयासों से दोनों युवक सकुशल अपने घर पहुँच चुके हैं। दोनों भाइयों को सितारगंज की एक ट्रैवल एजेंसी ने विदेश में अच्छे रोजगार का झांसा देकर ₹8 लाख ऐंठ लिए और 5 मई को रूस भेज दिया। मॉस्को पहुँचने पर उनसे जबरन और बिना वेतन के काम कराया जाने लगा। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी और विरोध करने पर धमकाया जाता था। परिजनों की चिंता तब और बढ़ गई जब युवकों ने उस इलाके में ड्रोन और मिसाइल हमलों की बात बताई। मामला सामने आते ही सीएम धामी ने अधिकारियों को विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। लगातार कूटनीतिक प्रयासों के बाद दोनों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया। घर वापसी के बाद मुख्यमंत्री ने फोन पर दोनों भाइयों और परिजनों से बात कर उनका हाल-चाल जाना। परिजनों ने मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताया। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि दुनिया के किसी भी कोने में संकट में फंसे राज्य के नागरिक की सुरक्षा और मदद करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

चंपावत। खटीमा से पिथौरागढ़ जा रही एक कार मंगलवार शाम चंपावत जिले के बनलेख क्षेत्र में अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने दुर्घटना के कारणों की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही चंपावत कोतवाली पुलिस और SDRF की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से खड़ी पहाड़ी पर उतावल-स्तरीय रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद चारों सवारों को खाई से निकालकर 108 एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर किया गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने एसडीएम चंपावत को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। चंपावत पुलिस ने पहाड़ी रास्तों, मोड़ों और ढलानों पर वाहन चालकों से गति नियंत्रित रखने व विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

हरिद्वार। उत्तराखंड के मंगलौर क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला खौफनाक मामला सामने आया है। शराब के नशे में धुत 23 वर्षीय सगे नाती ने अपनी 90 साल की बुजुर्ग, लाचार और मूक-बधिर नानी के साथ दरिंदगी की। हैवानियत के 26 दिन बाद उपचार के दौरान सोमवार देर शाम पीड़ित बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।घटना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। 16 जुलाई की देर रात लगभग 12 बजे आरोपी शराब के नशे में नानी के कमरे में दाखिल हुआ और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उनका गला घोंटकर जान से मारने का प्रयास भी किया। रात करीब एक बजे जब नातिन ने आरोपी को कमरे से निकलते देखा और अंदर गई, तो बुजुर्ग महिला गंभीर हालत में मिली। परिजनों और ग्रामीणों ने भाग रहे आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया था। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व मारपीट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। महिला की मौत के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुँचकर साक्ष्य जुटाए हैं। कोतवाली प्रभारी भगवान सिंह महर के अनुसार, महिला की मौत के बाद अब साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ने और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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