उत्तराखण्डः भूमि धोखाधड़ी में फरार कांग्रेस नेता और बेटे समेत तीन पर पुलिस की मुनादी! ढोल-नगाड़ों के साथ घरों पर चस्पा किए नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला?

Uttarakhand: Police issue public proclamation against three individuals—including an absconding Congress leader and his son—in a land fraud case! Notices were pasted on their homes amidst the beating

देहरादून। भूमि धोखाधड़ी के मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ दून पुलिस ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में रायपुर थाना पुलिस ने भूमि धोखाधड़ी के एक मामले में फरार चल रहे कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी, उनके बेटे हर्षवर्धन सिंह नेगी और मोहित कुमार के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की। पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों के आवास और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराई। साथ ही न्यायालय की ओर से जारी उद्घोषणा के नोटिस आरोपियों के मकानों के मुख्य गेट और प्रमुख स्थानों पर चस्पा किए गए। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आरोपियों के लगातार फरार रहने और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी से बचने के बाद की गई है। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं लगे। इसके बाद न्यायालय से बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई की अनुमति ली गई। रायपुर थाना पुलिस के अनुसार, बनगांव निवासी और वर्तमान में केसरवाला में रहने वाले भानु प्रकाश भट्ट ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मजरा जॉलियो क्षेत्र में करीब सवा बीघा भूमि से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे शिकायतकर्ता समेत अन्य लोगों को बेचने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह संबंधित भूमि पर केयरटेकर के रूप में कार्य करता है। आरोप यह भी है कि आरोपियों ने भूमि पर लगी तारबाड़ को क्षतिग्रस्त किया और कथित तौर पर जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास किया। इस दौरान शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। मामले में रायपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए गए। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार फरार रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय से तीनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी प्राप्त किया गया। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय के समक्ष आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन किया। न्यायालय से बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई के आदेश मिलने के बाद पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रायपुर थाना पुलिस की टीम 11 अगस्त को तीनों आरोपियों के निवास स्थानों पर पहुंची। पुलिस ने उनके घरों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों तथा प्रमुख चौराहों पर ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराई। लोगों को न्यायालय की ओर से जारी उद्घोषणा की जानकारी दी गई। पुलिस ने आरोपियों के मकान के मुख्य गेट और मोहल्ले के प्रमुख स्थानों पर न्यायालय के नोटिस चस्पा किए। मुनादी के दौरान आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश होने की जानकारी दी गई। साथ ही न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने की स्थिति में आगे की वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि भूमि धोखाधड़ी के मामले में सूरत सिंह नेगी, हर्षवर्धन सिंह नेगी और मोहित कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के तहत मंगलवार को आरोपियों के आवास और सार्वजनिक स्थानों पर उद्घोषणा के नोटिस चस्पा किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ न्यायालय की प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।