बारिश का कहरः पौड़ी में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा! लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही पुलिस, सीएम धामी ने गढ़वाल कमिश्नर से की बात! यहां उफनती नदी पार करने पर मजबूर नौनिहाल

 Rain Havoc: Alaknanda's water level rises in Pauri! Police issuing alerts via loudspeakers; CM Dhami speaks to the Garhwal Commissioner! Here, children are forced to cross the raging river.

पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ों की नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। चमोली की नीती घाटी में तमकनाला उफान पर आने और बेली ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद पौड़ी जिला प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट मोड पर हैं। अलकनंदा और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर तथा तेज बहाव को देखते हुए नदी किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वहीं, चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में एक साल पहले बह चुके पुल का निर्माण अब तक शुरू न होने से ग्रामीणों की परेशानी बारिश के मौसम में और बढ़ गई है। पौड़ी जिले में खासतौर पर श्रीनगर गढ़वाल और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा घाटों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। पुलिस टीमें नदी किनारे और संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं। लाउडस्पीकर के जरिए स्थानीय लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के प्रति सचेत किया जा रहा है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी परिस्थिति में नदी के पानी में उतरने का प्रयास न करें। खासकर ऐसे स्थानों से दूरी बनाए रखने को कहा जा रहा है जहां पानी का बहाव तेज है या जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। पुलिस के मुताबिक बारिश के दौरान पहाड़ी नदियों का जलस्तर कभी भी तेजी से बढ़ सकता है। नदी का बहाव सामान्य नजर आने के बावजूद अचानक स्थिति बदल सकती है। ऐसे में नदी में स्नान करने, तेज बहाव के बीच जाने या सेल्फी लेने जैसे जोखिम भरे कदमों से बचना जरूरी है।

तमकनाला में पुल बहने के बाद सीएम धामी ने ली स्थिति की जानकारी
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में बेली ब्रिज बहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जिलाधिकारी चमोली और गढ़वाल मंडल आयुक्त से स्थिति की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों के साथ आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तथा कनेक्टिविटी बहाल करने को लेकर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों और उपलब्ध अन्य माध्यमों से ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने को कहा गया है। उन्होंने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल काम करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर नुकसान का वास्तविक आकलन करने और राहत एवं पुनर्व्यवस्था के कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं करने को कहा।

एक साल से पुल का इंतजार, अब बच्चों की जान पर भारी पड़ रही बारिश
बारिश के बीच पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र से सामने आई तस्वीर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। गवाणी गांव में ड्वीला मल्ला, ड्वीला तल्ला, देगला, तिमलपट समेत आसपास के गांवों को जोड़ने वाला पुल अगस्त 2025 में भारी बारिश के दौरान बह गया था। पुल बहने के करीब एक साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पुल नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को उफनती मछलाड नदी पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक पानी के रास्ते होकर विद्यालय जाने पर बच्चों को करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं, यदि बच्चे घने जंगल के रास्ते से स्कूल जाते हैं तो दूरी बढ़कर करीब पांच किलोमीटर हो जाती है। जंगल के रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है।