मुंबई के घाटकोपर में तड़के बड़ा हादसा: मलबे में तब्दील हुई गौसिया चॉल,पहाड़ खिसकने से 2 की मौत,कई अब भी दबे
मुंबई। आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही मचाई है। मुंबई के पूर्वी उपनगर घाटकोपर इलाके में बुधवार तड़के हुए एक भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में बड़ा हादसा हो गया। चिराग नगर स्थित 'गौसिया चॉल' पर पास की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक आ गिरा, जिससे कई मकान मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि छह से आठ लोगों के अभी भी मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना तड़के करीब चार बजे की है। जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय चॉल के निवासी गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक पहाड़ी से चट्टानें और मिट्टी का विशाल मलबा नीचे बनी गौसिया चॉल की झुग्गियों पर आ गिरा। मलबे की चपेट में आते ही कई कच्चे-पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए। धमाके जैसी आवाज़ और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी। हादसे की खबर मिलते ही मुंबई पुलिस, फायर ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। संकरी गलियाँ और भारी बारिश बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रही हैं, लेकिन एनडीआरएफ के जवान आधुनिक उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे को हटाने में जुटे हैं। मौके पर कई एंबुलेंस तैनात की गई हैं, ताकि निकाले गए घायलों को बिना देरी अस्पताल पहुँचाया जा सके। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारियों ने बताया कि मलबे से अब तक दो लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। इसके अलावा दो अन्य घायलों को रेस्क्यू कर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की पहचान 18 वर्षीय सोहेल अंसारी और 14 वर्षीय मोहम्मद अंसारी के रूप में हुई है, जहाँ उनकी स्थिति पर डॉक्टर नज़र बनाए हुए हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की मेयर रितु तावड़े खुद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुँचीं। उन्होंने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत-बचाव कार्य की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मलबे में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित निकालने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएं और घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों की मिट्टी कमजोर हो गई है, जिससे यह भूस्खलन हुआ। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की अन्य झुग्गियों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। लगातार बारिश के बीच पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की अपील की है।