उत्तराखंड: पहाड़ से मैदान तक पैर पसार रहा डेंगू
उत्तराखंड में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। श्रीनगर के बेस चिकित्सालय में 6 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। जिसमें एसएसबी के तीन जवान भी शामिल हैं। वहीं कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आज स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए दून अस्पताल पहुंचे।
मॉनसून सीजन में डेंगू के मरीज धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं. जिसको देखते हुए बेस चिकित्सालय में दो वार्ड डेंगू के लिए बनाए गए हैं। अभी डेंगू वार्ड में छह मरीज भर्ती हैं जिनका इलाज मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। भर्ती मरीजों में केन्द्रीय प्रशिक्षण केन्द्र एसएसबी के तीन जवान भी शामिल हैं। वहीं आज कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए दून अस्पताल पहुंचे। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केएस बुटोला ने बताया कि डेंगू से बचने के लिए लोगों को पूरी तरह से सावधानियां बरतनी चाहिए। अगर किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और कमर में दर्द आदि की शिकायत रहती हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेने के लिए अस्पताल जाना चाहिए, ताकि अस्पताल में डेंगू से संबंधित जांचें कराई जा सकें। उन्होंने बताया कि अगर कोई मरीज डॉक्टर के पास नहीं जाता है और चेकअप कराने में देरी करता है तो उसके बुरे परिणाम देखने को मिले सकते हैं। वहीं अस्पताल में एक मेल और एक फीमेल वार्ड बनाया गया है।
डेंगू बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है। इस मच्छर की पहचान है कि ये साइज में बड़ा होता है और इसके पैर व पंख में धारियां होती हैं। जैसे कि टाइगर ( बाघ) में होती हैं। इसी कारण इसको टाइगर मच्छर भी कहते हैं। यह साफ पानी में ब्रीड करता है और इसके काटने का समय सूरज उगने व सूरज डूबने के एक घंटा आगे-पीछे होता है। ये मच्छर अधिकांश समय पैरों में काटता है। ऐसे में घर के आसपास पानी इकट्ठा ना होने दें और पानी के बर्तन को पूर्णतः ढंके। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने दून अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बीते रोज घोषणा की थी कि शनिवार को वह देहरादून के अस्पतालों में जाकर डेंगू और आई फ्लू के मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं का मुआयना करेंगे। इसी क्रम में उन्होंने दून अस्पताल के अलग-अलग डेंगू वार्डों में जाकर मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने डेंगू मरीजों से डेंगू रिपोर्ट स्टेटस और उनको दी जा रही दवा समेत इलाज की जानकारी ली। अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश: सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि अधिकांश मरीजों ने उन्हें बताया कि उन्होंने खुद ब्लड प्लेटलेट्स की व्यवस्था की है। गांधी ग्राम की रहने वाली एक महिला शुक्रवार सुबह 11 बजे से भर्ती है और महिला मरीज को पेट में असहनीय दर्द हो रहा है लेकिन उस महिला का अल्ट्रासाउंड नहीं कराया गया। इस दौरान जब उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त की तब एक महिला चिकित्सक को बुलाया गया और महिला का इलाज शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि डेंगू मरीजों से अस्पताल में बेड की कमी होने लगी है। ऐसे में उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों से हर समय तैयार रहने और बेड्स की संख्या बढ़ाने का आग्रह क्या है।