Oct 11, 2026 Login
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उत्तराखण्डः देश के 100 मोस्ट पॉवर फुल इंडियंस की सूची में शामिल हुए उत्तराखंड के सीएम धामी! द इंडियन एक्सप्रेस ने जारी की सूची, पढ़ें पहले नंबर पर कौन?

Uttarakhand: CM Dhami of Uttarakhand included in the list of 100 Most Powerful Indians of the country! The Indian Express released the list, read who is at number one?

देहरादून। द इंडियन एक्सप्रेस के वर्ष 2023 के 100 मोस्ट पॉवरफुल इंडियंस की सूची में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हैं। इस सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले तो केंद्रीय मंत्री अमित शाह और एस जयशंकर क्रमशः दूसरे व तीसरे पायदान पर हैं। सर्वे के पॉवर पंच में बताया गया है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों, अंकिता भंडारी मर्डर केस और जोशीमठ आपदा जैसी चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री धामी ने इन मामलों में त्वरित फैसले लिए जिससे काफी हद तक इन पर काबू पाया जा सका। द इंडियन एक्सप्रेस की ओर से देश के 100 मोस्ट पॉवरफुल इंडियंस को जानने के लिए मुख्यतः राजनीतिज्ञों, उद्यमियों, अभिनेताओं एवं खिलाड़ियों के मध्य सर्वे कराया गया था। इस सूची में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले नम्बर पर हैं तो केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, एस जयशंकर, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  जेपी नड्डा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टॉप 10 में शामिल हैं। इसके अलावा राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बैनर्जी, शिवराज सिंह चौहान, मल्लिकार्जुन खड़गे, शाहरुख खान भी 100 मोस्ट पॉवर फुल इंडियंस में हैं। 
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी को इस सूची में 93 रैंक पर रखा गया है। उनके बाद सुमन बेरी, एसएस राजामौली, फली नारायण जैसी शख्शियत शामिल हैं। द इंडिडन एक्सप्रेस ने सर्वे में बताया है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में धामी भाजपा को उत्तराखंड में 70 में से 47 सीटें जीताने में कामयाब रहे। अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में धामी की निर्विवाद छवि के कारण भाजपा आलाकमान के लिए वे सीएम पद की पहली पसंद बने। सर्वे में पावर पंच हेड के साथ बताया गया है कि विपक्षियों द्वारा परीक्षाओं में धांधली के आरोप, अंकिता भंडारी मर्डर केस और जोशीमठ आपदा जैसी घटनायें होने के बावजूद सीएम धामी ने त्वरित और तेज फैसले लेकर जनता के भरोसे को बरकरार रखा। व्हाट नेक्स्ट हेड के साथ बताया गया है कि जोशीमठ के लोगों के पुनर्वास समेत राज्य के अन्य जिलों से इसी तरह की आपदाओं की सूचनाएं जहां उनके लिए भविष्य की चुनौतियों के समान है तो आगामी चारधाम यात्रा भी उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगी।