Oct 11, 2026 Login
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उत्तराखंड: ऋषभ पंत के एक्सीडेंट को लेकर सीएम धामी ने खुद ही खोली पोल! नींद की वजह से नही सड़क के गड्ढे की वजह से हुआ था ऋषभ का एक्सीडेंट!ज़िम्मेदार कौन? क्या है अनुच्छेद 226 और 32 जानिए न्यूज़ लिंक में

Uttarakhand: CM Dhami himself opened the poll about Rishabh Pant's accident! Rishabh's accident happened not because of sleep but because of a pothole! Who is responsible? What is Article 226 and 32,

इंडियन क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत सड़क हादसे में बुरी तरह घायल हो गए, जिसके बाद वह देहरादून के अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनका इलाज जारी है। ऋषभ पंत का हाल जानने बॉलीवुड के डॉक्टर डैंग का किरदार निभाने वाले अनुपम खेर और एवरग्रीन एक्टर अनिल कपूर भी हॉस्पिटल पहुंचे थे।ऋषभ पंत की हेल्थ अपडेट पर हर क्रिकेट फैन की नज़र बनी हुई है, साथ ही एक्सीडेंट के कारण को लेकर भी बहस छिड़ रही है। ऋषभ पंत ने पहले झपकी की वजह से एक्सीडेंट होने की बात कही थी लेकिन अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया है कि एक्सीडेंट के पीछे असली कारण क्या था?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषभ पंत के एक्सीडेंट को लेकर कहा है कि यह हादसा रास्ते में गड्ढा आने की वजह से हुआ और गड्ढे से बचने की वजह से ऋषभ की कार दुर्घटना हुई। पुष्कर सिंह धामी रविवार को अस्पताल में ऋषभ पंत से मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे। 

आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार द्वारा कहा गया था कि इसी वर्ष सड़को पर गड्ढों की वजह से हुए हादसों का जिम्मेदार जिला प्रशासन को ठहराया जाएगा।वही सड़को के गड्ढों से हुए एक्सीडेंट की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

आपको ये भी बता दें कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत हर नागरिक को जीवन और स्वच्छंदता का अधिकार मिला हुआ है। जीवन के अधिकार से मतलब है कि सम्मान से जीने का अधिकार। संविधान के तहत सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के मूल अधिकार यानी जीवन के अधिकार की रक्षा करे। अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो हाई कोर्ट में अनुच्छेद-226 और सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद-32 के तहत रिट दाखिल कर अपील की जा सकती है। सिविक एजेंसी की लापरवाही के कारण कोई सड़क हादसे में घायल या किसी की मौत हो जाती है और मामले में सुपरवाइजरी अथॉरिटी या जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ आपराधिक केस भी दर्ज हो सकता है। किसी अधिकारी, ठेकेदार आदि की लापवाही से मौत होने पर आईपीसी की धारा-304 ए (लापरवाही से मौत) के तहत केस दर्ज किया जा सकता है।

हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस आरएस सोढ़ी ने कुछ समय पूर्व मीडिया को बयान दिया था कि जो भी व्यक्ति टैक्स देता है, वह सुविधाओं का हकदार है। नागरिकों को सहूलियत देना सरकार की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक जगह पर गड्ढा, सड़क खुदी होना, नाले का ढक्कन या मैनहोल खुला होना जैसी खबरें अक्सर ही पढ़ने को मिलती हैं। ज्यादातर मामलों में इन जगहों पर कोई चेतावनी, बैरिकैडिंग नहीं दिखती। इससे कई बार हादसे भी होते हैं। ऐसे मामलों में सरकारी एजेंसी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। जिस अथॉरिटी के जूरिडिक्शन में हादसे की वजह होगी, उसके खिलाफ मुकदमा किया जा सकता है।