Oct 11, 2026 Login
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उत्तराखंड:आखिर उत्तराखंड पुलिस ने ऐसा क्या किया जो ट्रोलर्स ने साधा निशाना?उत्तराखंड पुलिस के फेसबुक पेज पर हुई एक पोस्ट पर ट्रोलर्स ने जोड़ा DREAM 11 से कनेक्शन और पुलिस को लिया आड़े हाथों

Uttarakhand: After all, what did the Uttarakhand Police do that the trollers targeted? Trollers linked a post on the Facebook page of the Uttarakhand Police with a connection to DREAM 11 and attacked

उत्तराखंड पुलिस ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से एक ऐसा पोस्ट किया जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस ट्रोलर्स के निशाने पर आ खड़ी हुई है। आखिर इस पोस्ट में ऐसा क्या था जो ज़्यादातर फेसबुक यूजर्स ने उत्तराखंड पुलिस को ही ट्रोल कर दिया।

दरअसल उत्तराखंड पुलिस के आधिकारिक पेज से 13 अप्रैल सुबह करीब पौने 11 बजे सट्टेबाजी को लेकर एक मीम पोस्ट किया गया जिसमें उत्तराखंड पुलिस ने सट्टेबाजी को कानूनन अपराध बताया है जो कि सचमुच है ही।

मीम में लिखा है जब आपका दोस्त सट्टेबाजी को बढ़ावा दे ...इसके बाद एक फोटो लगाई गई है जिसमे बेस्ट एक्टर का ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाले विल स्मिथ ने मंच पर ही कॉमेडियन क्रिस रॉक को थप्पड़ जड़ दिया था। यानी फ़ोटो के माध्यम से उत्तराखंड पुलिस कहना चाहती है कि जब भी आपका कोई दोस्त सट्टेबाजी को बढ़ावा दे तो उसे थप्पड़ जड़ देना,क्योंकि सट्टा खेलना या इसको बढ़ावा देना कानूनन अपराध है।

 


इस पोस्ट पर देखते ही देखते ट्रोलर्स ने उत्तराखंड पुलिस को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया और ड्रीम 11 पर सवाल दागने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने कहा कि सट्टेबाजी कानूनन अपराध है तो ड्रीम 11 क्या है? ज़्यादातर ट्रोलर्स ने ड्रीम 11 का ही हवाला देते हुए उत्तराखंड पुलिस पर निशाना साधा है।


गौरतलब है कि रुद्रपुर ब्लाक के पुलभट्टा थाने में तैनात उत्तराखण्ड पुलिस में बतौर वाहन चालक तैनात प्रवीण ड्रीम 11 पर टीम बनाकर मालामाल हो चुके है।

इसके अलावा दिनेश चौधरी देहरादून एसपी सिटी ऑफिस के वीआईपी सेल में तैनात दिनेश चौधरी ने भी मोबाइल गेम एप के जरिए 1 करोड़ रुपए की धनराशि जीती थी। टी-20 विश्व कप में दिनेश चौधरी ने ड्रीम 11 में टीम बनाकर 15 दिन पहले ही 50 हजार रुपये भी जीत चुके है।

आपको ये भी बता दे कि ड्रीम 11 पोपुलर होने से पहले ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में केस जीत चुकी थी जिसमें यह माना गया था कि ड्रीम-11 गेम एक प्रकार का जुआ नहीं हैं क्योंकि यह "गेम ऑफ़ चांस" नहीं बल्कि "गेम ऑफ़ स्किल" हैं। अभी वर्तमान में भी ड्रीम-11 जैसे गेम्स के खिलाफ एक PIL फाइल की गई थी जिसे बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था।

 

अब इस मामले को थोड़ा कानूनी पॉइंट से समझते हैं।

सबसे पहले तो ज्यादात्तर लोग किसी भी बात को एथिक्स या लॉजिक के नजरिये से देखते हैं लेकिन अदालत या कानून वो मानता हैं जो सम्बंधित कानून लिखा हुआ हैं। भारतीय कानून इस सम्बन्ध में पूरी तरफ से एक बात कहता हैं -

"अगर कोई खेल या गतिविधि "गेम ऑफ़ चांस" हैं तो वह जुआ हैं और गैरकानूनी हैं लेकिन अगर कोई गतिविधि "गेम ऑफ़ स्किल" हैं तो वह वैध हैं।"

गेम ऑफ़ चांस का मतलब हैं कि जितना या हारना मुख्य रूप से भाग्य या चांस पर निर्भर करता हैं जबकि गेम ऑफ़ स्किल मतलब हैं कि खेल में जीत या हार मुख्य रूप से खेलने वाले की स्किल यानि कि टैलेंट पर निर्भर करती हैं।

अब जब हाई कोर्ट में केस हुआ तो यह दलील दी गई कि Fantasy Game या Dream-11 में किसी भी प्रतिभागी का जितना उसके ज्ञान, अनुभव और निर्णय क्षमता पर निर्भर करता हैं और प्रतिभागी का जीतना किसी टीम विशेष के जीतने पर निर्भर नहीं करता इसलिए यह गेम ऑफ़ स्किल हैं ना कि गेम ऑफ़ चांस।

 

खैर ट्रोलर्स को भला कौन रोक सकता है आप सही करते है तब भी ट्रोलर्स के निशाने पर कुछ गलत किया तो फिर ट्रोलर्स कई महीनों तक ट्रोल करना नही छोड़ते।