उत्तराखंड : देहरादून इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में पहुंचे अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्रा ने सिनेमा के कंटेंट पर उठाए सवाल, कहा पैसा कमाने के लिए कुछ भी न परोसें, सिनेमा से लोग सीखते हैं, गालियां न परोसे
इन दिनों उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में फ़िल्म फेस्टिवल की धूम मची हुई है।90 के दशक में छोटे पर्दे पर प्रसारित होने वाले चंद्रकांता धारावाहिक से हर घर मे अपनी खनकती आवाज़ से धूम मचाने वाले क्रूर सिंह यानी अखिलेन्द्र मिश्रा इनदिनों देहरादून पहुंचे हुए है।अपनी बेबाक राय रखने वाले अखिलेन्द्र ने आज के दौर में परोसी जाने वाली फिल्मों और सीरियलों पर साफ कहा कि सिनेमा का समाज पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है इसीलिए पैसे कमाने की होड़ में समाज के आगे कुछ भी न परोसें।एंटरटेनमेंट के नाम पर आप जो कुछ भी कंटेंट पर्दे पर दिखाते है इससे आपका भी व्यक्तित्व झलकता है।एक निर्माता,निर्देशक, अभिनेता की बड़ी अहम ज़िम्मेदारी होती है कि दर्शकों को वो क्या दिखा रहे है क्योंकि सिनेमा से ही काफी हद तक लोग सीखते है चाहे वो अच्छा हो या बुरा।

अखिलेन्द्र मिश्रा ने देहरादून की मीडिया से बात करते हुए लेखकों फिल्मकारों और अभिनेताओं के ध्यान सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति खींचकर साफ और स्पष्ट लहजे में कहा कि आज सिनेमा के बदलते कंटेंट की वजह से चिंता होती है कि समाज क्या देख रहा है और निर्माता क्या दिखा रहे हैं।एक कलाकार सृजनकर्ता होता है लेकिन आज के दौर में यही सृजनकर्ता विध्वंसक हो रहा है समाज को बिगाड़ रहा है।अभिनेता को अच्छे बुरे सिनेमा की पहचान होना अति आवश्यक है साथ ही अभिभावकों को ये समझना होगा कि उनका बच्चा किस तरह की फिल्मों में काम कर रहा है हम जो देखते है वही आचरण में ले आते है।ये एक तरह का भोजन है हम क्या खाते है उसी से हमारी सेहत बनती है।
गौरतलब है कि अखिलेन्द्र मिश्रा छोटे पर्दे के चंद्रकांता धारावाहिक से घर घर मे खूब प्रचलित हुए थे इसके बाद उनका करियर बड़े पर्दे पर भी खूब आगे बढ़ा उन्होंने लगान, दो दूनी चार,अतिथि तुम कब जाओगे, गंगाजल, वीरजारा,सहित कई बड़ी फिल्मों में अपने अभिनय का परचम लहराया।उन्होंने एक बार डाइलॉग में गालियों की ज़रुरत नही है कहकर एक बड़े रोल को ठुकरा दिया था।उन्होंने कहा था कि जब उन्हें एक बड़े प्रोजेक्ट में काम करने का आफर मिला और पता चला कि जो किरदार उन्हें निभाना है उसमें उनके डाइलॉग में गालियां देनी है तो उन्हें बहुत गुस्सा आया और उन्होंने उस किरदार के लिए नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ मना कर दिया।उनका कहना है कि "मुझे नही लगता कि दर्शक गालियों की मांग करते है।ये तो ज़बरदस्ती सिनेमा गलत चीजों को प्रोत्साहित करने लगा है।मैं एक अभिनेता हु मेरी समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी बनती है मैं ऐसे लोगो के साथ कतई काम करना पसंद नही करूंगा जो सिनेमा के माध्यम से मुझसे गालियां परोसवाये।"