बड़ी खबरः राहुल गांधी के आवास पर INDIA ब्लॉक की हाई-टी बैठक! ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आंदोलन, एसआईआर पर विपक्ष ने बनाई आगे की रणनीति
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं, सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों की हाई-टी बैठक हुई। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद कहा कि पिछले चार दिनों में INDIA ब्लॉक की ओर से की गई पहल को व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में पहली बार बड़ी संख्या में युवा और आम नागरिक अपनी पहल पर एकजुट होकर सामने आए हैं। खरगे ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित वोट चोरी की योजना को उजागर करने के लिए तैयार है। राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी दल एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया गया है। राहुल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा उनके आंदोलन का लक्ष्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ी पाबंदियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए और सरकार यह तय नहीं कर सकती कि नागरिक अपनी आवाज किस तरह उठाएं। विपक्षी दलों ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बनाए रखने और प्रतिबंधात्मक अधिसूचना वापस लेने की मांग भी उठाई।
तेजस्वी, सुले और डी. राजा ने भी साधा निशाना
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुट हैं और आंदोलन जारी रखेंगे। एनसीपी (एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। वहीं, भाकपा नेता डी. राजा ने सरकार से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन संबंधी प्रतिबंध वापस लेने की मांग की।
एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष
इससे पहले राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने दिल्ली में मार्च निकाला था। इसके बाद विपक्ष के 11 नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में 14 खामियां बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों एसएस संधू तथा विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की भी खबर सामने आई। कुल मिलाकर, एसआईआर, मतदाता सूची की पारदर्शिता और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह इन मुद्दों पर अपना आंदोलन जारी रखेगा।