उत्तराखंड:17 दिन भी नहीं टिक पाया 16 करोड़ का पुल! बारिश ने की क्वालिटी चेक,और खुल गई गुणवत्ता की परतें!

Uttarakhand: A bridge worth 16 crore rupees didn't last even 17 days! Rain tested its quality, exposing flaws!

देहरादून: करोड़ों रुपये की लागत से बने विकास कार्य आखिर कितने मजबूत हैं, इसका जवाब देहरादून के टोंस नदी पर बने नवनिर्मित पुल ने महज 17 दिनों में ही दे दिया। जिस पुल से लोगों को वर्षों की परेशानी खत्म होने की उम्मीद थी, वह पहली ही बरसात में खुद सहारा मांगता नजर आया।

 

करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल को 12 जुलाई को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया था। लेकिन महज 17 दिन बाद, सोमवार सुबह हुई तेज बारिश और उफनती टोंस नदी के बीच पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। देखते ही देखते पुल के बीचोंबीच बड़ा गड्ढा बन गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

गनीमत रही कि हादसे के समय पुल से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था। यदि उस वक्त कोई वाहन उस हिस्से पर होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी। बैरिकेडिंग कर पुल को बंद कर दिया गया है और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जा रही है। पुल बंद होने से प्रेमनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का राजधानी देहरादून से सीधा संपर्क भी प्रभावित हो गया है। अब लोगों को लंबा रास्ता तय करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पुल को करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक तकनीक और मजबूत निर्माण का दावा करते हुए बनाया गया, वह पहली ही मानसूनी परीक्षा में क्यों फेल हो गया? क्या बारिश इतनी असाधारण थी, या फिर निर्माण की गुणवत्ता में कहीं गंभीर चूक हुई? यह सवाल अब आम लोगों के साथ-साथ विशेषज्ञ भी उठा रहे हैं।

स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस पुल से वर्षों की समस्या का समाधान होने वाला था, वही पुल अब सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान बन गया है।

इस बीच कांग्रेस नेता आर्येंद्र शर्मा ने सरकार और निर्माण एजेंसी पर भ्रष्टाचार तथा लापरवाही के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा गिरफ्तारी की मांग की है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में पुल धंसने की असली वजह क्या सामने आती है। लेकिन इतना तय है कि 17 दिन में क्षतिग्रस्त हुआ 16 करोड़ रुपये का पुल कई असहज सवाल छोड़ गया है, जिनका जवाब सिर्फ बारिश नहीं दे सकती।