Oct 09, 2026 Login
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उत्तराखंड में मौसम ने बिगाड़े हालात, कहीं बाढ़ तो कहीं जलभराव से हो रहा जनजीवन अस्त व्यस्त।

The weather worsened the situation in Uttarakhand, at some places due to floods and at some places, life was disrupted due to water-logging.

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने एक बार फिर से अगले 4 दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में इस समय बाढ़ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं। इस समय चारधाम यात्रा भी चल रही है और ऐसे में तीर्थ यात्रियों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थ यात्रियों से मौसम को देखकर ही अपनी यात्रा जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम के मिजाज को देखकर ही अपनी यात्रा करें। अगर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है तो यात्रा को बीच में ही रोककर सुरक्षित स्थान पर रहें।

उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से बारिश के चलते अधिकांश क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगहों पर लैंडस्लाइड के चलते सड़कें बंद हैं तो मैदानी क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और कई दिशा-निर्देश भी दिए। आपको बता दें कि सोमवार रात भर हुई बारिश के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में स्थिति विकट बनी हुई है। प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। आपको बता दें कि मौसम विभाग ने एक बार फिर उत्तराखंड में चार दिन की भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की मानें तो आगामी चार दिनों तक लोगों को काफी एहतियात बरतने की भी जरूरत है।

वहीं देहरादून में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देर रात से लगातार हो रही बारिश से राजधानी दून के रायपुर क्षेत्र के शांति विहार में चार दुकानें और चार मकान ध्वस्त हो गए। पुलिस ने राहत बचाव कार्य करते हुए समय रहते दुकान और मकान खाली करा लिए थे। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया, अचानक काफी पानी आने से बरसाती पानी लोगों के घरों में घुस गया। हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने नदी नालों के किनारे रहने वालों से अपील की है कि वह सुरक्षित स्थान पर रहे। स्थानीय लोग काफी समय से क्षेत्र में रह रहे हैं और वहां से वह कहीं अन्य जगह जाना भी नहीं। यह पूरा इलाका काफी संवेदनशील बना हुआ है और अगर भारी बारिश हुई तो कई और मकान भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।