गुवाहाटी में ‘महाशक्ति’ का उदय: हिमंत दूसरी बार संभालेंगे असम की कमान, पीएम मोदी और दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा

The Rise of a ‘Mighty Force’ in Guwahati: Himanta to Take the Helm of Assam for a Second Term; PM Modi and Dignitaries to Gather

गुवाहाटी। असम की पावन भूमि आज एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनने जा रही है। गुवाहाटी का खानापारा मैदान केवल एक शपथ ग्रहण समारोह का मंच नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में भारतीय जनता पार्टी की अटूट पकड़ और ‘विकास के नए युग’ के शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनने वाला है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता और कुशल नेतृत्व पर जनता की अंतिम मुहर है।

शपथ ग्रहण में दिग्गजों का मेला आज होने वाले इस भव्य समारोह में राजनीति और कूटनीति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शाम को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहेंगे। सिर्फ राष्ट्रीय नेतृत्व ही नहीं, बल्कि कई राज्यों के मुख्यमंत्री और अमेरिकी राजदूत की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिकी राजदूत की मौजूदगी पूर्वोत्तर में बढ़ते निवेश और सामरिक महत्व का संकेत है। अभेद्य किले में तब्दील हुआ खानापारा समारोह की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे खानापारा क्षेत्र को 'हाई सिक्योरिटी जोन' में बदल दिया गया है। सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच चप्पे-चप्पे पर कमांडोज और ड्रोन से नजर रखी जा रही है। आयोजन स्थल को असमिया संस्कृति और आधुनिकता के मिश्रण से भव्य रूप दिया गया है, ताकि आने वाले मेहमानों को असम की समृद्ध विरासत की झलक मिल सके। विकास और विश्वास एनडीए ने इस चुनाव में विकास, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और आक्रामक संगठनात्मक रणनीति के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हिमंत बिस्व सरमा ने पिछले कार्यकाल में उग्रवाद पर लगाम कसने और बुनियादी ढांचे के विकास में जो गति दिखाई, उसी का परिणाम है कि आज भाजपा ने पूर्वोत्तर में अपने दुर्ग को और मजबूत कर लिया है। नई सरकार, नई चुनौतियां शपथ ग्रहण के साथ ही अब सबकी नजरें हिमंत सरकार के नए मंत्रिमंडल पर टिकी हैं। चर्चा है कि इस बार मंत्रिमंडल में युवाओं और अनुभवी चेहरों का संतुलन देखने को मिलेगा। सरकार का अगला बड़ा संदेश 'मिशन असम' को अगले स्तर पर ले जाने का होगा, जिसमें रोजगार और शांति प्रमुख एजेंडा रहने वाले हैं। आज की शाम असम के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी।