सनसनीखेजः दोस्ती की आड़ में पैरा एथलीट की हत्या! बेटे की लाश देख छलका पिता का दर्द, बोले- यश ने धोखा दिया... असद की तरह हो एनकाउंटर

Sensational: Para athlete murdered under the guise of friendship! Father's grief over son's corpse, saying, "Yash betrayed me... Encounter should be like Assad's."

गाजियाबाद। मुरादनगर के बसंतपुर सैंथली गांव में इन दिनों मातम पसरा हुआ है। जापान एशियन पैरा गेम्स के लिए चयनित प्रतिभाशाली पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जिस बेटे के भविष्य को लेकर परिवार सपने संजो रहा था, उसकी अचानक हुई मौत ने उन सपनों को हमेशा के लिए तोड़ दिया। गांव में हर आंख नम है और हर जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर एक उभरते हुए खिलाड़ी की जान क्यों ली गई? मृतक के पिता मनोज त्यागी ने बेटे की हत्या को लेकर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस युवक यश को उन्होंने हमेशा परिवार का सदस्य समझा, वही उनके बेटे का हत्यारा बन गया। उन्होंने बताया कि यश अक्सर उनके घर आता-जाता था और उन्हें अंकल जी कहकर संबोधित करता था। चिराग से उसकी गहरी दोस्ती थी और वह अक्सर उससे सलाह लेने तथा बातचीत करने घर पहुंच जाता था। परिजनों के अनुसार यश और चिराग के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध थे। यदि किसी कारणवश चिराग फोन नहीं उठाता था तो यश सीधे मनोज त्यागी को फोन कर उनसे बात कराने की गुजारिश करता था। परिवार को कभी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यही दोस्ती एक दिन इतनी दर्दनाक घटना में बदल जाएगी।

उधारी और रंजिश बनी हत्या की वजह!

मनोज त्यागी का दावा है कि चिराग के करीब एक लाख रुपये यश पर उधार थे। हालांकि चिराग अपने पिता को बार-बार समझाता था कि इस रकम को लेकर वह स्वयं बात कर लेगा और परिवार को बीच में आने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा यश को यह गलतफहमी भी थी कि किसी खेल प्रतियोगिता में उसके बाहर होने के पीछे चिराग का हाथ था। परिवार का कहना है कि यश को लगता था कि चिराग ने उसकी शिकायत की थी, जिसके चलते वह प्रतियोगिता से बाहर हो गया। जबकि वास्तविकता यह थी कि वह पहले ही प्रतियोगिता से डिस्क्वालीफाई हो चुका था। इसी गलतफहमी और कथित रंजिश ने एक दोस्त को दूसरे दोस्त का दुश्मन बना दिया और अंततः यह विवाद हत्या तक पहुंच गया।

सुबह बेटे से हुई थी आखिरी बातचीत
पिता मनोज त्यागी ने भावुक होते हुए बताया कि शनिवार सुबह करीब सात बजे उनकी चिराग से आखिरी बार बात हुई थी। उन्होंने बेटे से पूछा था कि वह घर कब लौटेगा। इस पर चिराग ने कहा था कि वह साढ़े दस बजे तक घर पहुंच जाएगा और खाने में दाल-चावल बनाने को कहा था। लेकिन परिवार को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी। शाम करीब चार बजे पुलिस का फोन आया और बताया गया कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना मिलते ही परिवार अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां जाकर पता चला कि चिराग अब इस दुनिया में नहीं रहा।

देश के लिए मेडल जीतने का सपना रह गया अधूरा
परिजनों के मुताबिक चिराग त्यागी हाल ही में जापान में आयोजित होने वाले एशियन पैरा गेम्स के लिए 1500 मीटर और 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में चयनित हुए थे। इस उपलब्धि को लेकर वह बेहद उत्साहित थे और देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रहे थे। परिवार के लोगों का कहना है कि चिराग मेहनती, अनुशासित और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित खिलाड़ी था। उसकी सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को गर्व था। लेकिन एक दर्दनाक घटना ने उसके उज्ज्वल भविष्य को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।

परिवार ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
बेटे की हत्या से आहत परिवार ने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। मनोज त्यागी और उनके परिजनों ने पुलिस मांग की है कि हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए। जैसे गाजियाबाद पुलिस ने आज खोड़ा में सूर्या के कातिल असद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया, वैसे ही यश का भी एनकाउंटर किया जाए। जब तक हत्यारे को उसके किए की सजा नहीं मिलेगी, मेरे बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस टीम हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।