राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन! अभिजीत दीपके ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, 13 जून को देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति और छात्र संगठनों के बीच लगातार विरोध की आवाजें उठ रही हैं। इसी कड़ी में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन से पहले घोषणा की थी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शनिवार शाम पांच बजे तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि प्रदर्शन को शाम पांच बजे तक अनुमति मिली हुई थी, लेकिन दोपहर करीब तीन बजे ही अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक धरनास्थल से रवाना हो गए, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके अपने साथ डॉ. भीमराव अंबेडकर की आत्मकथा और भारतीय संविधान की प्रति लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है तथा नीट पेपर लीक जैसे मामलों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। धरने में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी भाग लिया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा युवाओं के हितों की रक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
उनके साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका भी मौजूद रहे। आशुतोष रांका आईआईटी कानपुर से शिक्षित हैं और हाल ही में विदेश से भारत लौटे हैं। इधर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रमुख बस अड्डों तथा दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस के अनुसार एक हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि उनकी पार्टी अपनी मांगों पर अडिग है और शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो 13 जून को जंतर-मंतर पर एक और बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में भी आंदोलन को विस्तार देने की रणनीति पर काम किया जाएगा। बता दें कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर पहले से ही देशभर में बहस जारी है। विपक्षी दल, छात्र संगठन और विभिन्न सामाजिक समूह परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक तथा सामाजिक चर्चा के केंद्र में ला सकता है।