जंतर-मंतर पर भारी हंगामा: 20वें दिन अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस जबरन ले गई अस्पताल, प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा; मारपीट और गुंडागर्दी के गंभीर आरोप

Major commotion at Jantar Mantar: Police forcibly took Sonam Wangchuk—who was on a hunger strike for the 20th day—to the hospital and dispersed the protesters; serious allegations of assault and hool

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल 'जंतर-मंतर' आज एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पिछले 20 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे देश के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस भारी हंगामे के बीच जबरन उठाकर अस्पताल ले गई है। इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। फिलहाल जंतर-मंतर को पूरी तरह खाली कराया जा रहा है और सुरक्षा के मद्देनजर वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं और आंदोलनकारियों ने पुलिस पर मारपीट और तानाशाही का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने पुलिस प्रशासन पर गुंडागर्दी का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने रोते और आक्रोश जताते हुए कहा सुबह करीब सात बजे जब मैं फ्रेश होने के लिए धरना स्थल से थोड़ी दूर निकला, तभी पुलिस के लोग वहां धमक पड़े। वे सोनम सर को गालियां देते हुए बेरहमी से घसीटकर अपने साथ ले गए। 60 साल का एक बुजुर्ग व्यक्ति, जो पिछले 20 दिनों से भूखा बैठा है, उसके साथ दिल्ली पुलिस ने यह अमानवीय व्यवहार किया। हमें शुरुआत में यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। जब मुझे इस बात की खबर मिली और मैं तुरंत जंतर-मंतर की तरफ वापस आ रहा था, तो पुलिसकर्मियों ने रास्ते में मेरे साथ भी जमकर मारपीट की। ये पुलिस नहीं, बल्कि किसी खास विचारधारा के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश वापस आया था, क्या मैं कोई अपराधी हूं जो मुझे सड़कों पर इस तरह पीटा गया? इस घटनाक्रम के बाद देश की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। संजय सिंह ने कहा  जंतर-मंतर पर यह कैसी खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है? मोदी जी, सत्ता का यह अहंकार लंबे समय तक नहीं चलने वाला है। जिस युवा और आंदोलनकारियों पर आज आप लाठियां चलवा रहे हैं, यही युवा एक दिन आपका तख्त उखाड़ फेंकेंगे। एक सम्मानित शख्स सोनम वांगचुक, जो 20 दिनों से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे हैं, सरकार को उनकी न्यायसंगत मांगें सुननी चाहिए थीं। लेकिन मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन गिरफ्तार करके अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जो बेहद निंदनीय है।"

सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस सोनम वांगचुक को नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची है, जहां उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल वे पूरी तरह होश में हैं और उनके वाइटल्स (महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर) स्थिर बने हुए हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है। दूसरी तरफ, चौतरफा आरोपों से घिरी दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले पर अपना आधिकारिक रुख साफ किया है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा,यह कार्रवाई माननीय हाई कोर्ट के आदेशानुसार की गई है। वही मेडिकल विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें तुरंत इलाज देने की सलाह दी थी। पुलिस ने बेहद संयम बरतते हुए पूरी सुरक्षा के साथ उन्हें आवश्यक इलाज के लिए एक उपयुक्त सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया है और वे अभी डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने के बाद जंतर-मंतर पर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। वहां मौजूद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस बल प्रदर्शनकारियों को जबरन बस और गाड़ियों में भरकर वहां से हटाने का प्रयास कर रहा है। डीसीपी नई दिल्ली ने अपील जारी करते हुए कहा है, "हम जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और शांतिपूर्ण तरीके से जल्द से जल्द इस जगह को खाली कर दें।" पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।