बोकारो थर्मल स्टेशन पर टला भीषण हादसा: कोयला लदी मालगाड़ी के वैगन में भड़की आग,लोको पायलट की सूझबूझ और सीआईएसएफ की मुस्तैदी से बची ट्रेन

Major accident averted at Bokaro Thermal Station: Fire breaks out in a coal-laden freight train wagon; train saved thanks to the loco pilot's presence of mind and the CISF's prompt action.

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले में गुरुवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर कोयले से लदी एक मालगाड़ी के वैगन में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठती देख स्टेशन परिसर और रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, नए लोको पायलट की सजगता और रेलवे प्रशासन की त्वरित सक्रियता के कारण एक बड़ा और विनाशकारी हादसा टल गया, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति खाक होने से बच गई। यह मालगाड़ी कुशमाही से कोयला लादकर चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में यह खतरनाक घटना घटित हुई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना रात के करीब 11 बजे की है। मालगाड़ी बोकारो थर्मल स्टेशन पर खड़ी थी और वहां चालकों की शिफ्ट बदली जा रही थी। ड्यूटी पर आए नए लोको पायलट ने जैसे ही इंजन नंबर 33397 और 33350 से जुड़ी मालगाड़ी का नियमित निरीक्षण (कंट्रोल चेक) शुरू किया, उनकी नजर तीसरे वैगन पर पड़ी। वैगन के भीतर से भारी मात्रा में काला धुआं और आग की लपटें बाहर निकल रही थीं। लोको पायलट ने बिना एक पल गंवाए इसकी आपातकालीन सूचना तुरंत स्टेशन मास्टर मिथिलेश कुमार यादव को दी। स्टेशन मास्टर द्वारा अलर्ट जारी करते ही रेलवे का राहत और बचाव दल तुरंत एक्शन मोड में आ गया। बिना समय गंवाए डीवीसी पावर प्लांट बोकारो थर्मल यूनिट की सीआईएसएफ फायर ब्रिगेड टीम को मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने बेहद सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद वैगन में धधक रही आग पर पानी की बौछारें कर पूरी तरह काबू पा लिया। सबसे राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे चिंगारी मालगाड़ी के अन्य वैगनों तक नहीं फैल सकी, अन्यथा पूरी ट्रेन आग की चपेट में आ सकती थी। स्टेशन मास्टर मिथिलेश कुमार यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच और आकलन के अनुसार, कुशमाही में कोयले की लोडिंग के दौरान अत्यधिक घर्षण या आपस में टकराव के कारण निकली चिंगारी ही आग लगने का संभावित कारण हो सकती है। इस पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट धनबाद रेल मंडल के डीआरएम को भेज दी गई है। आग पर पूरी तरह काबू पाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद रेलवे अधिकारियों ने एक बड़ा फैसला लिया। एहतियात के तौर पर मालगाड़ी का गंतव्य रूट बदल दिया गया। अब इस कोयला लदी ट्रेन को चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन भेजने के बजाय सुरक्षित कोयला परिवहन नीति के तहत कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेलवे प्रशासन मामले की तकनीकी जांच कर रहा है।