अजब-गजब: ई-रिक्शा चालक के खाते में अचानक आए 7.4 अरब रुपये! स्क्रीन देखकर उड़े बैंक कर्मियों के होश, जांच में जुटे अधिकारी

Bizarre: Rs 7.4 billion suddenly appeared in an e-rickshaw driver's account! Bank staff were stunned upon seeing the screen; officials have launched an investigation.

बिहार के वैशाली जिले में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने बैंक अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक हड़कंप मचा दिया है। यहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि ट्रांसफर होने के बाद एक साधारण वृद्ध पेंशनधारी के बैंक खाते में अचानक 7 अरब रुपये से अधिक की राशि दिखाई देने लगी। वहीं, जिले के ही एक अन्य पेंशनभोगी के खाते में भी 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम आ गई। एक ही झटके में दो आम नागरिकों के खातों में करोड़ों-अरबों रुपये की यह 'जादुई' एंट्री चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दोनों खातों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह हैरान कर देने वाली घटना वैशाली जिले के महुआ प्रखंड की है। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा 10 जुलाई को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में मासिक पेंशन की राशि भेजी गई थी।

महुआ प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत (चखाजे गांव) के रहने वाले वृद्ध पेंशनभोगी चंद्रदीप राय अपनी 1100 रुपये की मासिक पेंशन निकालने के लिए उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पहुंचे थे। सीएसपी संचालक ने जैसे ही उनके खाते से पेंशन की राशि निकाली और बचा हुआ बैलेंस (शेष राशि) चेक किया, तो कंप्यूटर स्क्रीन देखकर उसके होश उड़ गए। चंद्रदीप राय के साधारण से पेंशन खाते में 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 795 रुपये से अधिक का बैलेंस दिखाई दे रहा था। एक ग्रामीण और ई-रिक्शा चलाने वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाले वृद्ध के खाते में इतनी बड़ी रकम होने की खबर बिजली की तरह पूरे इलाके में फैल गई और सीएसपी केंद्र पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। महुआ प्रखंड की इस घटना के कुछ ही समय बाद, वैशाली जिले के ही जंदाहा प्रखंड से भी ऐसा ही एक और मामला सामने आ गया। जंदाहा के खोपी गांव के रहने वाले एक अन्य पेंशनभोगी राजन सिंह के बैंक खाते में भी अचानक 7 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदर्शित होने लगी। एक ही जिले के दो अलग-अलग ब्लॉकों में एक ही दिन हुए इस वाकये ने बैंकिंग सुरक्षा और सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए महुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सौरव वर्णवाल तुरंत एक्शन में आए। उन्होंने तत्काल पंचायत सचिव अशोक सिंह को पीड़ित पेंशनभोगी के घर भेजा और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोनों ही लाभार्थियों को अपने खातों से किसी भी तरह का लेन-देन न करने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही बैंक को अगले आदेश तक इन खातों को फ्रीज (संचालन रोकने) करने का निर्देश दिया गया है। बीडीओ सौरव वर्णवाल ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट जिला मुख्यालय और उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। शुरुआती जांच में यह किसी बड़ी धोखाधड़ी के बजाय बैंकिंग सिस्टम या सर्वर की कोई गंभीर तकनीकी त्रुटि (ग्लिच) का मामला लग रहा है। फिलहाल, बैंक के मुख्य तकनीकी अधिकारी और संबंधित विभाग की संयुक्त टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि पेंशन की राशि भेजते समय सॉफ्टवेयर में ऐसा कौन सा लूपहोल आया, जिसने रातों-रात दो साधारण ग्रामीणों को कागजों पर अरबपति बना दिया। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।