दिल्ली के अलीपुर में बड़ा हादसा: यमुना में नहाते समय तेज बहाव में बहे 4 मासूम, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, अब तक सुराग नहीं
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के बाहरी उत्तरी इलाके से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। अलीपुर थाना क्षेत्र के हिरंकी गांव के पास यमुना नदी में नहाने गए चार नाबालिग बच्चे नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए हैं। दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें कल शाम से ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं, लेकिन 15 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना रविवार शाम की है। लगभग 7:46 बजे पुलिस को सूचना मिली कि हिरंकी गांव के पास यमुना नदी के ठोकर नंबर 24 पर कुछ बच्चे डूब गए हैं। जांच में सामने आया कि कुल पांच नाबालिग लड़के यमुना में नहाने के लिए गए थे। इनमें से चार बच्चे राहुल (15), अंशु (15), सौरभ (15) और अमनदीप (15) पानी के भीतर उतर गए। मानसून के कारण इन दिनों नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बहाव बेहद तेज था। पानी में उतरते ही चारों बच्चे खुद को संभाल नहीं पाए और गहरे पानी में चले गए। नदी के किनारे खड़ा पांचवां बच्चा लकी (14) सुरक्षित था। जैसे ही उसने अपने दोस्तों को डूबते और मदद के लिए चिल्लाते देखा, उसने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे स्थानीय लोग तुरंत नदी की तरफ दौड़े और बच्चों को बचाने की कोशिश की। लेकिन नदी का करंट इतना खतरनाक था कि देखते ही देखते चारों बच्चे पानी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय अलीपुर थाना पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें मोटर बोट और गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंच गईं। रविवार देर रात तक नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, रात के अंधेरे और कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को करीब 10:30 बजे अस्थाई रूप से रोकना पड़ा। सोमवार सुबह तड़के ही रेस्क्यू टीमों ने एक बार फिर नदी में जाल डालकर और आधुनिक उपकरणों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू कर दी है। नदी का बहाव तेज होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि बच्चे घटनास्थल से आगे बह गए होंगे। अलीपुर थाना पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और मौके पर मौजूद पांचवें बच्चे लकी से भी पूछताछ की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता बच्चों को ढूंढने की है, जिसके बाद ही नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने एक बार फिर दिल्लीवासियों, विशेषकर ग्रामीण इलाकों के लोगों से अपील की है कि मानसून के मौसम में नदियों, नहरों और गहरे जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों को अकेले न जाने दें। यमुना का जलस्तर इस समय अनियंत्रित है, जो किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकता है।