नैनीताल:आखिर कौन है वो जो रात के अंधेरे में बरसा रहा है छतों पर पत्थर? रहस्यमयी घटनाओं से सहमे लोग, शिकायत के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
नैनीताल।
दिल्ली के चर्चित 'मंकी मैन' की दहशत और महिलाओं की चोटी काटने वाली रहस्यमयी घटनाएं शायद आपको याद होंगी। अब कुछ वैसा ही डर उत्तराखंड के नैनीताल में लोगों के बीच फैलता दिखाई दे रहा है। दावा है कि पिछले कई दिनों से अंधेरा होते ही किसी अनजान शख्स या रहस्यमयी साये की ओर से घरों की छतों और मकानों पर पत्थर फेंके जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सैकड़ों लोग और पुलिस जंगल से लेकर आसपास के पूरे इलाके की तलाश कर चुके हैं, लेकिन पत्थर फेंकने वाला अब तक किसी को दिखाई नहीं दिया। आखिर यह शरारत है, किसी सिरफिरे की करतूत या फिर कुछ और ?
बताया जा रहा है कि यह घटनाएं जिला पंचायत कार्यालय के आसपास, कुर्मांचल लक्ष्मी कुटीर और माउंटेन लेक क्षेत्र में हो रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जैसे ही वे आवाज लगाकर पत्थर फेंकने वाले को सामने आने की चुनौती देते हैं, कुछ देर बाद फिर पत्थर फेंके जाने लगते हैं। हालांकि मौके पर कोई दिखाई नहीं देता।
प्रत्यक्षदर्शी अधिवक्ता राजेंद्र परगाई ने बताया कि यह कोई अफवाह नहीं, बल्कि लगातार हो रही वास्तविक घटनाएं हैं। उनके अनुसार पिछले आठ से दस दिनों से हर शाम या रात के समय पत्थरबाजी हो रही है। कई बार 100 से 150 लोगों ने मिलकर आसपास के जंगल, सड़क और पूरे इलाके की तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला।
राजेंद्र परगाई का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी जा चुकी है। इसके अलावा कुमाऊं मंडल आयुक्त को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है। पुलिस कई बार मौके पर पहुंचकर जांच कर चुकी है, लेकिन अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।
वही कुछ और स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र में भय का माहौल है। शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में भी संकोच कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पत्थरबाजी के पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है या कोई अन्य कारण, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन के सामने चुनौती जरूर खड़ी कर दी है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है। वहीं स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्यमयी पत्थरबाजी का सच सामने आएगा।