पीएचडी की 'जंग' शुरू: कुमाऊँ विवि के हरमिटेज भवन में 480 अभ्यर्थियों ने दिया इंटरव्यू, मेरिट से मिलेगा मनपसंद कॉलेज

The 'battle' for PhD admission begins: 480 candidates appeared for interviews at Kumaun University's Hermitage Building; merit will determine the choice of college.

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा और शोध (पीएचडी) की राह पकड़ने के लिए छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हरमिटेज भवन में आज पीएचडी के 24 अलग-अलग संकायों (विषयों) के लिए साक्षात्कार (इंटरव्यू) प्रक्रिया का आयोजन किया गया। इस प्रक्रिया में कुल 480 योग्य छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और शोध में अपनी जगह पक्की करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, इन सभी अभ्यर्थियों को पूरी तरह से मेरिट लिस्ट के आधार पर ही पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। सुबह से ही हरमिटेज भवन परिसर में अभ्यर्थियों की भारी चहल-पहल और रौनक देखने को मिली। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए शोधार्थियों में अपने-अपने विषयों को लेकर खासा उत्साह और थोड़ी घबराहट साफ नजर आ रही थी। साक्षात्कार कक्ष से बाहर निकलने वाले अभ्यर्थियों के चेहरों पर जहाँ एक ओर राहत की सांस थी, वहीं दूसरी ओर मेरिट लिस्ट में जगह बनाने की उत्सुकता भी दिखी।

पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के नोडल अधिकारी प्रो. नंद गोपाल साहू ने बताया कि पूर्व में आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले कुल 480 छात्र-छात्राओं को इस साक्षात्कार प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा आज कुल 24 विषयों के लिए इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। यह पूरा साक्षात्कार 30 अंकों का निर्धारित किया गया है। प्रवेश परीक्षा और इस इंटरव्यू में प्राप्त होने वाले अंकों को मिलाकर एक पारदर्शी मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। नोडल अधिकारी प्रो. साहू ने आगे बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ जल्द से जल्द इस मेरिट लिस्ट को जारी करने की तैयारी में जुटा है। जैसे ही अंतिम मेरिट सूची (मेरिट लिस्ट) घोषित होगी, उसमें शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को उनकी पहली पसंद (चॉइस) के आधार पर संबंधित कॉलेज और शोध केंद्र आवंटित किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, विषय विशेषज्ञ और प्रशासनिक कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग दिया। अब सभी अभ्यर्थियों की नजरें विश्वविद्यालय द्वारा जारी होने वाली अंतिम मेरिट लिस्ट पर टिकी हुई हैं।