नैनीताल लेक ब्रिज टोल विवाद में बड़ा एक्शन डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट, निविदा प्रक्रिया की हर परत होगी जांच

Major action taken in the Nainital Lake Bridge toll dispute The DM has formed a three-member investigation committee Requesting a report within two weeks, every aspect of the tender process will be i

नैनीताल, 20 जुलाई। नैनीताल के लेक ब्रिज चुंगी (टोल टैक्स) की निविदा को लेकर उठे विवाद और लगातार हो रहे जनविरोध के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न सूचना स्रोतों से यह जानकारी मिली है कि नगर पालिका परिषद नैनीताल द्वारा लेक ब्रिज चुंगी के संबंध में जारी की गई निविदा का जनमानस लगातार विरोध कर रहा है। जनभावनाओं और विरोध प्रदर्शनों को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
जांच समिति में उप जिलाधिकारी नैनीताल, डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के उप निदेशक (वित्त) तथा लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया है।
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह यह जांच करेगी कि तकनीकी निविदा निर्धारित नियमावली के अनुरूप संपन्न हुई या नहीं, निविदा प्रक्रिया सेवा शर्तों एवं निर्धारित नियमों के अनुसार अपनाई गई या नहीं, तथा नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा-96 के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित की गई थी या नहीं।
जिलाधिकारी ने समिति को निर्देशित किया है कि वह पूरे मामले की गहन जांच कर सभी तथ्यों और निष्कर्षों सहित अपनी रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराए।
गौरतलब है कि लेक ब्रिज चुंगी की निविदा को लेकर पिछले कई दिनों से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। हाल ही में शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की मौजूदगी में हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई थी, जिसके बाद पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई थी। अब जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद मामले की निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो गया है और सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।