CJP Parliament March: दिल्ली में बढ़ी हलचल! अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ की मैराथन मीटिंग, जेपी नड्डा से मिला प्रतिनिधिमंडल

CJP Parliament March: Stir in Delhi! Amit Shah held a marathon meeting with Dharmendra Pradhan; a delegation met JP Nadda.

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर माहौल बेहद गर्म हो गया। नीट (NEET) पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान एक ओर राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, वहीं दूसरी ओर सरकार और आंदोलनकारी संगठन के बीच बातचीत की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन परिसर में करीब साढ़े तीन घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई। हालांकि इस बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन संसद मार्च और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी विवाद के बीच इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही जंतर-मंतर से हजारों छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी, बेरोजगार युवा और अभिभावक संसद की ओर कूच करने लगे। आंदोलनकारियों की मांग थी कि नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में यह आंदोलन 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी है और समय के साथ इसमें देशभर से बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिलता गया है। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान कई स्थानों पर बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश हुई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कई स्थानों पर बल प्रयोग की भी खबरें सामने आईं। संसद भवन, विजय चौक, रायसीना रोड और केंद्रीय सचिवालय क्षेत्र में पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की भारी तैनाती रही। दोपहर तक सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शनकारियों को संसद परिसर के आसपास से हटाने में सफल रहीं। तनावपूर्ण माहौल के बीच सरकार और सीजेपी के बीच संवाद की पहल भी हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से कर्तव्य भवन में मुलाकात की। संगठन की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए कई प्रमुख मांगें रखीं।

इनमें अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट-2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा संगठन ने दिल्ली पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग रोकने की भी मांग की। बैठक के बाद जे.पी. नड्डा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली बार औपचारिक बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि सुबह से शुरू हुई चर्चा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें पहले मौखिक रूप से विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ और बाद में प्रतिनिधिमंडल ने लिखित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपना धरना समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें। इस बीच अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे, संसद में सीजेपी की मांगों पर चर्चा का भरोसा दे अथवा सांसद स्वयं अस्पताल आकर इस संबंध में आश्वासन दें, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।