बड़ी खबर: खाली कराया गया जंतर-मंतर! लाठीचार्ज पर भड़के सोनम वांगचुक, बोले- नहीं तोड़ूंगा अनशन! कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप- निहत्थों को पीटा! पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि सीजेपी के आंदोलन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल को खाली करा दिया है। इसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं। खबरों के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के साथ-साथ मंच, टेंट और अन्य अस्थायी ढांचों को भी हटवा दिया है। इसी के साथ कनॉट प्लेस क्षेत्र में मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी हटाया गया है। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खासे तनाव की स्थिति बनने की भी खबरें हैं। इस बीच सफदरजंग हॉस्पिटल से सोनम वांगचुक के हाथ से लिखा एक संदेश भी सामने आया है। इसे उनके X हैंडल पर शेयर किया गया है। पोस्ट में लिखा है, "मैं तब तक अनशन जारी रखूंगा, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती, या फिर मुझे यहां अस्पताल में ही सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती। मुझे उम्मीद है कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी, उससे पहले नहीं। युवाओं ने उकसावे के बावजूद जिस तरह शांति बनाए रखी, उससे मैं बहुत प्रभावित और भावुक हूं। मैं सरकार और पुलिस से अपील करता हूं कि इस मुद्दे का समाधान सिर्फ इतना करके करें कि आज या कल छात्रों को संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की अनुमति दे दें। मुझे पूरा विश्वास है कि युवा प्रदर्शनकारी कल भी वही धैर्य और सहिष्णुता दिखाएंगे, जो उन्होंने आज दिखाई।" वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, "प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते। 152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को। और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं। यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।"
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे। संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। CJP ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की फोटो सामने आईं। पुलिस ने शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर को खाली करा लिया।