अंधविश्वास की हद पारः करोड़पति दंपती ने ‘अपशगुन’ मान ढाई साल की गोद ली बच्ची को हाईवे पर छोड़ा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Superstition crosses all limits: Millionaire couple abandons two-and-a-half-year-old adopted girl on highway, believing it to be a bad omen; police arrest them

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश से एक बेहद चौंकाने वाला और मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां करोड़ों का कारोबार करने वाले एक दंपती ने अपनी ही गोद ली हुई ढाई साल की मासूम बच्ची को ‘अपशगुन’ मानकर सुनसान हाईवे पर छोड़ दिया। इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला श्योपुर जिले के मानपुर थाना क्षेत्र का है, जहां नेशनल हाईवे-552 पर एक छोटी बच्ची रोती हुई अकेली भटकती मिली। राहगीरों ने उसे देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। शुरुआत में यह मामला एक सामान्य लावारिस बच्ची का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आती गई। बच्ची की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे पुलिस को अहम सुराग मिले। जांच में पता चला कि यह बच्ची राजगढ़ के एक संपन्न व्यापारी दंपती आकाश मूंदड़ा और उनकी पत्नी कृतिका के पास रह रही थी। जब पुलिस ने दंपती से बच्ची को गोद लेने के कानूनी दस्तावेज मांगे, तो वे कोई ठोस कागजात पेश नहीं कर सके, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दंपती धार्मिक यात्रा पर निकले थे और खाटू श्याम तथा मेहंदीपुर बालाजी जा रहे थे। इसी दौरान श्योपुर के पास एक सुनसान जगह देखकर उन्होंने मासूम बच्ची को सड़क किनारे छोड़ दिया। इतनी कम उम्र की बच्ची को इस तरह छोड़ना न केवल अमानवीय कृत्य है, बल्कि गंभीर आपराधिक अपराध भी है। पूछताछ में दंपती ने जो कारण बताया, वह और भी चौंकाने वाला है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके कारोबार में आई गिरावट के लिए वे इस मासूम को जिम्मेदार मानने लगे थे और अंधविश्वास के चलते उसे मनहूस समझ बैठे। इसी सोच के कारण उन्होंने बच्ची को छोड़ने जैसा कठोर कदम उठाया। मामले में एक केयरटेकर युवती का बयान भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। उसने पुलिस को बताया कि उसे बच्ची की देखभाल के लिए रखा गया था और दंपती शुरू से ही बच्ची के साथ भेदभाव करते थे। इस खुलासे ने जांच को नई दिशा दी और पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दंपती को ट्रेस कर गिरफ्तार किया। मानपुर थाना प्रभारी सतीश दुबे के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। पुलिस को यह भी आशंका है कि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया भी संदिग्ध पाई गई है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अमानवीय कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी मासूम इस तरह की क्रूरता का शिकार न बने। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और पुलिस उसके असली माता-पिता तथा अन्य संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।