क्वारब-अल्मोड़ा हाईवे पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: एनएचएआई को मार्च 2027 तक काम पूरा करने के कड़े निर्देश

High Court's major ruling on Kwarab-Almora Highway: Strict directives to NHAI to complete work by March 2027.

नैनीताल। कुमाऊं की लाइफलाइन माने जाने वाले क्वारब-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित और सुचारू आवागमन को लेकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस हाईवे की बदहाली और आए दिन होने वाले भूस्खलन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को तय समय सीमा के भीतर सभी सुरक्षात्मक कार्य पूरे करने के कड़े निर्देश दिए हैं। एनएचएआई द्वारा कोर्ट में दिए गए भरोसे के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने इस जनहित याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया है। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अदालत के समक्ष अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की। प्राधिकरण के अधिकारियों ने मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ को अवगत कराया कि क्वारब-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 90 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। सड़क को चौड़ा करने और हॉट मिक्सिंग का काम अंतिम दौर में है। एनएचएआई ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि वर्तमान में चल रहे सुदृढ़ीकरण के शेष बचे हुए कार्यों को मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि तय समय सीमा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि स्थानीय अधिवक्ता भुवनेश जोशी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर इस मार्ग की दयनीय स्थिति की ओर कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया था। याचिका में कहा गया था कि क्वारब-अल्मोड़ा मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लिए वैज्ञानिक आधार पर स्थायी समाधान तैयार किया जाना बेहद जरूरी है। पहाड़ की ढलानों को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक योजना लागू की जाए और बेहद संवेदनशील पहाड़ी पॉइंट पर रिटेनिंग वॉल (पुश्ते), शैल-पतन अवरोधक संरचनाएं (रॉक फॉल बैरियर), आधुनिक जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा ढांचों का निर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि भविष्य में मार्ग बाधित होने की समस्या से जनता को मुक्ति मिल सके। याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि बरसात या अचानक भूस्खलन होने की स्थिति में हाईवे से मलबा हटाने और यातायात को तत्काल बहाल करने के लिए एनएचएआई एक प्रभावी आपातकालीन रिस्पांस सिस्टम विकसित करे। इस मार्ग के आए दिन बंद होने से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जाने वाले हजारों यात्रियों, मरीजों और स्थानीय व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब हाईकोर्ट के इस कड़े रुख और एनएचएआई को मिले समयबद्ध निर्देशों के बाद उम्मीद जगी है कि अगले कुछ महीनों में क्वारब-अल्मोड़ा हाईवे का सफर न सिर्फ सुगम बल्कि पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।