पटना फायरिंग केस: खान सर पर भी FIR! BNS की धारा 109 के तहत बढ़ीं कानूनी चुनौतियां, जेल होगी या जुर्माना लगेगा

Patna firing case: FIR against Khan Sir! Legal challenges mount under Section 109 of the CrPC, including jail or fine.

नई दिल्ली/पटना। पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के बाद चर्चित शिक्षक खान सर (फैसल खान) की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने इस मामले में दो सुरक्षा गार्डों के साथ-साथ खान सर को भी नामजद करते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना की जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों और कथित वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले में सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए खान सर को भी आरोपित बनाया गया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान खान सर ने कथित रूप से सुरक्षा गार्डों को फायरिंग करने के लिए कहा था। पुलिस का दावा है कि इसके बाद दोनों गार्डों ने दो-दो राउंड फायर किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

क्या है BNS की धारा 109?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) में हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधानों को नए स्वरूप में शामिल किया गया है। पुलिस ने खान सर के खिलाफ इसी धारा के तहत मामला दर्ज किया है। यह एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में माना जाता है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड का प्रावधान है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तारी करने का अधिकार होता है। जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र करती है। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाती है।

उकसाने या सहायता करने वालों पर भी हो सकती है कार्रवाई
कानून के तहत केवल अपराध को अंजाम देने वाला व्यक्ति ही नहीं, बल्कि अपराध के लिए कथित रूप से उकसाने, साजिश रचने या सहयोग करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने इस मामले में खान सर की भूमिका की जांच शुरू की है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। खान सर या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस मामले में क्या पक्ष रखा जाता है, इस पर भी सभी की नजरें बनी हुई हैं।