आयुष से मोहम्मद अली:प्यार, धर्म परिवर्तन और करोड़ों की संपत्ति के बीच उलझी कहानी!परिवार बोला साजिश,युवक बोला मेरी मर्जी,मामला बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन का मामला इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। आयुष, जो अब स्वयं को मोहम्मद अली के नाम से पहचानता है, के धर्मांतरण को लेकर परिवार और युवक के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। मामले में पुलिस ने युवती चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि आयुष ने दोनों की गिरफ्तारी का विरोध किया है।
परिवार का आरोप है कि फिजियोथैरेपिस्ट और जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम संबंधों के जरिए आयुष पर प्रभाव बनाया और बाद में दबाव, ब्लैकमेलिंग तथा अन्य माध्यमों से उसका धर्म परिवर्तन कराया। परिवार का यह भी दावा है कि पूरा मामला करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़ा हुआ है और सुनियोजित तरीके से परिवार को निशाना बनाया गया।
मामले की शुरुआत एक मेडिकल स्टोर के जरिए हुई जान-पहचान से बताई जा रही है। बाद में अस्पताल और जिम में मुलाकातों के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और संबंध प्रेम प्रसंग में बदल गए। इसी दौरान आयुष के धर्म परिवर्तन और निकाह को लेकर घटनाक्रम आगे बढ़ा।
हालांकि आयुष मलिक ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि उसने किसी दबाव में धर्म परिवर्तन नहीं किया, बल्कि वर्ष 2008 से ही इस्लाम धर्म का अनुसरण करना शुरू कर दिया था। आयुष के अनुसार उसने शामली निवासी चांदनी कुरैशी से दिल्ली में निकाह किया था। उसने लंबे समय तक अपने धर्म परिवर्तन और विवाह की जानकारी परिवार को नहीं दी क्योंकि उस समय उसकी बहनों की शादी नहीं हुई थी। बाद में सभी बहनों के विवाह संपन्न होने के बाद उसने अपने निर्णय की जानकारी परिजनों को दी।
आयुष का कहना है कि उस पर दोबारा धर्म परिवर्तन करने का सामाजिक दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वह किसी दबाव में आने वाला नहीं है। उसने ब्रेनवॉश किए जाने के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि यदि उसका ब्रेनवॉश हुआ होता तो वह अपने परिवार और माता-पिता से संबंध क्यों बनाए रखता। उसके अनुसार कुछ लोग इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा रहे हैं।
उधर, कुछ दिन पहले बघरा स्थित साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था। उन्होंने कार्रवाई न होने की स्थिति में 12 जून को कुरैशी बस्ती में हिंदू महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की थी। इसके बाद दवा कारोबारी देवराज मलिक की शिकायत पर शहर कोतवाली में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी, उसके भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों और तीन मौलवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने रविवार को चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं आयुष ने दोनों की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। धर्म परिवर्तन, विवाह, कथित दबाव और संपत्ति विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।