दिल्ली अग्निकांडः छतों और खिड़कियों से कूदकर बची कई जिंदगियां! विदेशी मेहमानों समेत 21 की मौत, पूरा परिवार उजड़ गया

Delhi fire: Many lives were saved by jumping from rooftops and windows! 21 people, including foreign guests, died, and entire families were uprooted.

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक रेस्टोरेंट-कम-होटल में लगी भयावह आग में अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज साकेत स्थित विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अधिकारियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब इमारत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धुएं और लपटों के बीच फंसे लोगों ने किसी तरह बाहर निकलने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा.तफरी का माहौल बन गया। दमकल विभाग, पुलिस और राहत.-बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। इमारत से कूदने वालों को बचाने के लिए नीचे रजाइयां और गद्दे बिछाए गए ताकि उनकी जान बचाई जा सके। कई लोगों को धुएं के कारण दम घुटने की स्थिति में बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल साकेत स्थित मैक्स अस्पताल और अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती कराया गया। अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है।

विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतकों में सोमालिया सहित अन्य अफ्रीकी देशों के नागरिक भी शामिल हैं। साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में इलाज के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, जिसके चलते आसपास कई होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। बताया जा रहा है कि जिस होटल में आग लगी, वहां बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी ठहरे हुए थे। हादसे में मृत 21 लोगों में से 18 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। प्रशासन विदेशी दूतावासों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।

एक परिवार के छह सदस्यों की मौत, पत्नी और बेटी लापता
हादसे ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। गुरुग्राम निवासी विवेक अग्रवाल की इस दुर्घटना में मौत हो गई। उनकी बड़ी बेटी जीविशा भी इस हादसे का शिकार हो गई। परिजनों के अनुसार विवेक अग्रवाल अपने पिता की देखभाल के लिए पत्नी और दो बेटियों के साथ दिल्ली आए थे। उनके पिता साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार घटना स्थल के गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था। बुधवार को ही उनके मौसा और मौसी भी उनसे मिलने पहुंचे थे। दुखद रूप से हादसे में परिवार के कुल छह सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में विवेक, उनकी बेटी, मामा-मामी और मौसा-मौसी शामिल हैं। वहीं विवेक की पत्नी और छोटी बेटी के बारे में देर शाम तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी, जिससे परिजन बेहद चिंतित हैं।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मालवीय नगर अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।