Oct 11, 2026 Login
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जज्बे को सलामः MA LLB पास फौजी की पत्नी रेखा पांडे ने तोड़ी समाज की बेड़ियां! बनी उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर, रानीखेत से हल्द्वानी चलाती है टैक्सी

Salute to the spirit: Rekha Pandey, wife of a soldier who passed MA LLB, broke the shackles of the society! Became the first female taxi driver of Uttarakhand, drives taxi from Ranikhet to Haldwani

ये हैं रेखा लोहुमी पांडे जो उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर बन कर सोशल मीडिया में इनदिनों खूब सुर्खियां बटोर रहीं है। आपने भी उनकी वायरल फ़ोटो ज़रूर देखी होगी। रातों रात सोशल मीडिया में रेखा वायरल होने लगी लेकिन उनकी मजबूरी और मजबूत इरादों को शायद आप नही जानते तो आइए जानते है कि रेखा पांडे ने आखिर टैक्सी चलाने की ही क्यों ठानी?

रेखा लोहुमी पांडे उत्तराखंड के बागेश्वर के गरुड़ क्षेत्र के भेटा गांव की रहने वाली है। उनका ससुराल रानीखेत के पास ताड़ीखेत में है। रेखा खूब पढ़ी लिखी हैं, उन्होंने डबल एमए के साथ साथ मास्टर्स इन सोशल वर्क और एलएलबी तक किया है। यानी वो समाज सेविका और वकील भी है। 

रेखा के पति मुकेश चंद्र पांडे फौज से रिटायर्ड है। पति के स्वास्थ्य की दिक्कतों की वजह से रेखा के कंधों पर ही परिवार की ज़िम्मेदारी आ गयी थी हालांकि बताया जा रहा कि अब रेखा के पति का स्वास्थ्य पहले से बेहतर हो चुका है। रेखा ने बिना हिचके बिना डरे टैक्सी चलाने की ठान ली। वो हर रोज रानीखेत से हल्द्वानी तक टैक्सी चलाती है।

रेखा पिछले दो महीनों से टैक्सी चला रही है। रेखा ने उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर बनकर महिला सशक्तिकरण की राह में काबिलेतारीफ मिसाल कायम की है। उनके इस कदम से उत्तराखंड ही नही बल्कि पूरे देश की महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलेगा। मुश्किल हालातो से हारने की जगह उनका डटकर सामना किस तरह किया जाए ये रेखा ने कर दिखाया।

मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने भी उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर रेखा पांडे को फोन पर बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं,और उन्होंने रेखा पांडे को महिलाओं के लिए प्रेरणा बताया।