Sep 01, 2026 Login

भीमताल में कुदरत का कहर: उफनते नाले में बह गई 4 साल की मासूम, झील से बरामद हुआ शव,परिवार में मचा कोहराम

Nature's fury in Bhimtal: 4-year-old child swept away in a swollen drain; body recovered from the lake, leaving the family devastated.

उत्तराखंड में जारी मूसलाधार बारिश मासूमों के लिए भी काल बनने लगी है। नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में बुधवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। घर के बाहर खेल रही 4 साल की एक मासूम बच्ची का अचानक पैर फिसल गया और वह पास ही बह रहे उफनते नाले में जा गिरी। नाले का बहाव इतना तेज था कि बच्ची संभल तक नहीं पाई और बहते हुए भीमताल झील तक पहुंच गई। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण क्षेत्र के नाले उफान पर थे। इसी दौरान बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। अचानक उसका पैर फिसला और वह तेज बहाव वाले नाले में जा गिरी। परिजनों और आसपास के लोगों ने शोर मचाते हुए बच्ची को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि बच्ची कुछ ही समय में आंखों से ओझल हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस जवान बच्ची की तलाश में जुट गए। नाले के बहाव की दिशा में खोजबीन शुरू की गई। काफी प्रयासों के बाद बच्ची को भीमताल झील से घायल अवस्था में बरामद किया गया। बच्ची को बाहर निकालते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमताल पहुंचाया। परिजनों की उम्मीदें उस समय टूट गईं, जब चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्ची की चहक सुनाई दे रही थी, वहां मातम पसर गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों में भी हादसे को लेकर गहरा दुख और चिंता है। बारिश के दौरान भीमताल क्षेत्र के नाले तेज बहाव के साथ उफान पर आ जाते हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से बरसाती नालों, नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं। हादसे की सूचना के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाई। पुलिस ने बच्ची के शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए कब्जे में लेकर मामले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना ने एक बार फिर बरसाती नालों के अचानक उफान पर आने से पैदा होने वाले खतरे को सामने ला दिया है। बारिश के मौसम में कुछ ही मिनटों में शांत बहने वाले नाले तेज धार में बदल सकते हैं। भीमताल की इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।