Aug 31, 2026 Login

हल्द्वानीः रानीबाग चित्रेश्वर मंदिर विवाद में कत्युरी समाज ने खोला मोर्चा! एसएसपी से मिले प्रतिनिधि, एकतरफा कार्रवाई का लगाया आरोप

Haldwani: Katyuri community takes a stand in the Ranibagh Chitreshwar Temple dispute; representatives met the SSP and alleged one-sided action.

हल्द्वानी। रानीबाग स्थित पौराणिक श्री चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण, धार्मिक स्वरूप में हस्तक्षेप और 29 अगस्त को श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर कत्युरी राजवंश समाज के प्रतिनिधियों ने सोमवार को एसएसपी से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र सौंपकर हेमंत कुमार गुप्ता उर्फ भैय्यू और घटना में शामिल अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रतिनिधियों ने पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई किए जाने का भी आरोप लगाया। एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कत्युरी समाज की ओर से कहा गया है कि रानीबाग स्थित श्री चित्रेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन एवं पौराणिक धार्मिक स्थल है और कुमाऊं-गढ़वाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था इससे जुड़ी हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हेमंत कुमार उर्फ भैय्यू द्वारा मंदिर परिसर एवं उससे संबंधित भूमि पर कथित रूप से कब्जा और अतिक्रमण किया गया है। आरोप है कि मंदिर की दीवारों और परिसर में लोहे के एंगल, कील आदि लगाए गए हैं, जिससे मंदिर के मूल एवं पौराणिक स्वरूप में हस्तक्षेप हुआ है। कत्युरी समाज ने मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि के राजस्व अभिलेखों की जांच कराने की मांग भी की है। प्रार्थना पत्र में संबंधित खतौनी, खसरा, नक्शा और अन्य अभिलेख सुरक्षित कर उनकी जांच कराने का अनुरोध किया गया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि मंदिर की भूमि और धार्मिक स्वरूप से संबंधित वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शिकायत के अनुसार, 29 अगस्त को रानीबाग सामुदायिक सेवा सदन में कत्युरी समाज की महापंचायत आयोजित हुई थी। महापंचायत समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु परमेश्वर महाराज, जिया रानी और श्री चित्रेश्वर महादेव के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। प्रतिनिधियों का आरोप है कि मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने भंडारे से संबंधित सामग्री और गंदगी रखी गई थी। प्रवेश द्वार को कथित तौर पर कपड़े से ढका गया था तथा जूते-चप्पल और भोजन बनाने की सामग्री के कारण श्रद्धालुओं के दर्शन एवं परिक्रमा मार्ग में बाधा उत्पन्न हो रही थी। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि जब श्रद्धालुओं ने दर्शन और परिक्रमा के लिए रास्ता सुगम करने के उद्देश्य से कपड़ा हटाया तो वहां मौजूद हेमंत कुमार उर्फ भैय्यू ने कथित रूप से अपने साथ मौजूद लोगों को उकसाया। इसके बाद श्रद्धालुओं के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और मारपीट शुरू होने का आरोप लगाया गया है। कत्युरी समाज की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौके पर मौजूद भीड़ में शामिल लोगों ने भंडारे में रखे भारी और धारदार बर्तनों सहित अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल कर लोगों के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, घटना में कई लोगों को चोटें आईं। एक पुलिसकर्मी के चोटिल होने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है। घायल व्यक्तियों का चिकित्सकीय परीक्षण और मेडिकल रिपोर्ट विवेचना में शामिल किए जाने की मांग की गई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान लोगों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे मौके पर तनाव और भय का वातावरण पैदा हुआ। कत्युरी समाज ने कहा कि धार्मिक स्थल पर इस प्रकार की घटना से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक शांति भी प्रभावित हुई।


सीसीटीवी और वीडियो साक्ष्य सुरक्षित कराने की मांग

कत्युरी समाज के प्रतिनिधियों ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में मंदिर एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो, फोटो, सोशल मीडिया पर उपलब्ध फुटेज और आसपास के प्रतिष्ठानों एवं घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को तत्काल सुरक्षित कराने का अनुरोध किया गया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि इन साक्ष्यों से घटना के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि समय बीतने के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के डिलीट या उनमें बदलाव की संभावना हो सकती है, इसलिए उन्हें तत्काल सुरक्षित कराया जाना जरूरी है। शिकायत में मंदिर परिसर का तत्काल मौका-मुआयना कराने और वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराने की मांग भी की गई है। मंदिर की दीवारों, कथित रूप से लगाए गए लोहे के एंगल, कीलों और अन्य संरचनाओं की स्थिति का पंचनामा तैयार कराने का अनुरोध किया गया है। कत्युरी समाज ने कहा है कि यदि जांच में मंदिर की संरचना अथवा धार्मिक स्थल को जानबूझकर क्षति पहुंचाने या उसके धार्मिक स्वरूप को प्रभावित करने की पुष्टि होती है तो भारतीय न्याय संहिता और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा मारपीट, चोट पहुंचाने, धारदार वस्तु के इस्तेमाल, रास्ता रोकने, धमकी अथवा अन्य आपराधिक कृत्यों की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। कत्युरी राजवंश समाज के प्रतिनिधियों ने एसएसपी से मांग की कि हेमंत कुमार उर्फ भैय्यू सहित घटना में शामिल अन्य ज्ञात-अज्ञात लोगों की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी घायलों के मेडिकल परीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटना में इस्तेमाल वस्तुओं की बरामदगी एवं जब्ती की मांग की गई है। इस दौरान हरीश रावत, मनोहर मनराल, सीता रावत, राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, कविता जीना, राजेंद्र मनराल, रमेश मनराल, चंदन मनराल, मृदुल मनराल, गिरधर रावत, कमलेश जेठी, हरेंद्र राणा, गीता बिष्ट, संजय जोशी, देवेंद्र सलाकोटी, लीला देवी, ललित मोहन मनराल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।