Sep 16, 2026 Login

नैनीताल:खेल जगत की अजीम शख्सियत अहमद सिद्दीकी का निधन, 92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस!“खिलाड़ी, रेफरी, अंपायर और खेल प्रशासक के रूप में हमेशा रहेंगे याद

Nainital: Sports icon Ahmed Siddiqui passes away, breathed his last at the age of 92! He will always be remembered as a player, referee, umpire and sports administrator.

नैनीताल। नैनीताल के खेल जगत की जानी-पहचानी शख्सियत अहमद सिद्दीकी का मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले करीब एक वर्ष से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से नैनीताल में शोक की लहर दौड़ गई। खासकर शहर के खेल जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

अहमद सिद्दीकी नैनीताल में केवल एक खिलाड़ी के तौर पर ही नहीं, बल्कि हॉकी के राष्ट्रीय स्तर के रेफरी, क्रिकेट के अंपायर और खेल प्रशासक के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। नैनीताल जिमखाना क्लब (NTG) और डीएसए की खेल गतिविधियों से वह युवावस्था से ही सक्रिय रूप से जुड़े रहे। डीएसए फ्लैट्स का मैदान उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा, जहां उन्हें कभी खिलाड़ी, कभी अंपायर तो कभी खेल गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखा जाता था।

 

सीआरएसटी इंटर कॉलेज, नैनीताल से शिक्षा पूरी करने के बाद अहमद सिद्दीकी उत्तर प्रदेश पुलिस की वायरलेस यूनिट में खेल कोटे से जुड़े थे। हालांकि व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ दी और बाद में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद उनका अधिकांश समय नैनीताल की खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने में ही बीता।

 

अहमद सिद्दीकी की पहचान नैनीताल तक सीमित नहीं थी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत देशभर के खेल जगत में उनके व्यापक संपर्क थे। उस दौर में जब नैनीताल उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, उन्होंने यहां होने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन और बाहरी टीमों के साथ बेहतर समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद और केडी सिंह बाबू जैसे दिग्गजों के साथ भी उनके करीबी संबंध रहे। मेजर ध्यानचंद के साथ उनकी तस्वीरें आज भी उनके खेल जीवन की महत्वपूर्ण यादों के रूप में मौजूद हैं। नैनीताल से भारतीय हॉकी टीम के लिए ओलंपिक खेल चुके सैयद अली और राजेंद्र सिंह रावत के लिए भी अहमद सिद्दीकी मार्गदर्शक की भूमिका में रहे।

नैनीताल के खेल इतिहास को करीब से देखने और उसे अपने भीतर संजोकर रखने वाली इस शख्सियत का निधन शहर के खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके लंबे समय के कई साथी पहले ही दुनिया से विदा हो चुके थे और उनके निधन से नैनीताल ने खेलों के प्रति समर्पित एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया, जिसकी मौजूदगी डीएसए फ्लैट्स की खेल गतिविधियों का अभिन्न हिस्सा हुआ करती थी।

अहमद सिद्दीकी के निधन पर खेल प्रेमियों और शहरवासियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें उनके योगदान के लिए कृतज्ञतापूर्वक याद किया। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।