उत्तराखंड: SIR को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामला! मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल का आरोप, सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक टली सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी (एसआईआर) को लेकर हल्द्वानी निवासी शादाब आलम की ओर से दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए आपत्तियां दाखिल की हैं। याचिकाकर्ता ने ऐसे मामलों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि एसआईआर से जुड़ा मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही इस मामले में आगे कोई कार्रवाई संभव होगी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा हाईकोर्ट का रुख करने की स्वतंत्रता मांगी, जिसे स्वीकार करते हुए याचिका वापस ले ली गई। बता दें कि हल्द्वानी निवासी शादाब आलम की ओर से दायर जनहित याचिका दायर कहा था कि एक व्यक्ति की ओर से करीब छह हजार आपत्तियां दाखिल की गई हैं। याचिका में कहा गया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आपत्तियां दाखिल की गई हैं, उनमें कई लोग उत्तराखंड के नागरिक और स्थायी निवासी हैं। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल करने वाले लोगों की जांच की जाए और यदि शिकायतें गलत पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।