Sep 14, 2026 Login

5 अक्टूबर के बाद औचक निरीक्षण पर निकलेंगे सीएम धामी: सड़कों को तुरंत गड्ढामुक्त करने के सख्त निर्देश,चारधाम यात्रा, जनसेवा और स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा

CM Dhami to conduct surprise inspections after October 5: Strict directives issued to immediately make roads pothole-free; in-depth review of the Char Dham Yatra, public services, and healthcare faci

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के मकसद से सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया और अधिकारियों को जनसेवा व विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और तेजी लाने की हिदायत दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी सड़कों को जल्द से जल्द गड्ढामुक्त किया जाए। मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और सुधारीकरण के काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने साफ किया कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में सड़कों की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और संबंधित विभागों तथा कार्यदायी संस्थाओं के काम की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर सड़क सुधार के दावे नहीं, बल्कि धरातल पर बेहतर परिणाम दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट संकेत दिया कि अब सड़कों की वास्तविक स्थिति खुद देखने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद वे कभी भी सड़क मार्ग से यात्रा कर औचक निरीक्षण करेंगे। इससे सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े विभागों में जिम्मेदारी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखी जाएं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया। यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि संबंधित जिलाधिकारी और विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तीसरे चरण को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही जनसमस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए। धामी ने कहा कि इन शिविरों का मूल उद्देश्य शासन और प्रशासन को जनता के और करीब लाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रस्तावित कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि जनसेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण को अभियान का केंद्र बनाया जाए। अधिक से अधिक लोगों को सरकार की योजनाओं और सेवाओं से जोड़ा जाए तथा कार्यक्रमों में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वाइन फ्लू समेत विभिन्न संक्रामक और जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए भी जरूरी व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करने को कहा। अस्पतालों में साफ-सफाई, आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय से रोगों की रोकथाम, उपचार और प्रभावी नियंत्रण के लिए काम करने तथा स्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। समीक्षा बैठक में सड़क, यात्रा, जनसेवा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट नजर आईं।