Aug 22, 2026 Login

नैनीताल:जिला प्रशासन के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई:17 निजी विद्यालयों को नोटिस, महंगी किताबों व अवैध शुल्क पर सख्ती,लिंक में पढ़ें किन विद्यालयों को भेजा गया नोटिस

Nainital: Major Action on District Administration's Directives—Notices Issued to 17 Private Schools; Crackdown on Expensive Textbooks and Illegal Fees

हल्द्वानी/नैनीताल 2 मई 2026।

    जनपद में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अभिभावकों पर पड़ रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र के 17 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किया है।

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कई निजी विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अतिरिक्त महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही कुछ विद्यालयों द्वारा विशेष दुकानों से ही किताबें व शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी मिली हैं।

इन विद्यालयों को भेजा गया नोटिस

देवभूमि सीनियर सेकेंडरी स्कूल मानपुर पश्चिम, गुरु द्रोणा पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल, बीएलएम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वुडब्रिज स्कूल भीमताल, मल्लिकार्जुन स्कूल भीमताल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल पीरुमदारा रामनगर, ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल रामनगर, गार्डन वैली पब्लिक स्कूल रामनगर, आर्यमन विक्रम बिड़ला स्कूल हल्द्वानी, दून पब्लिक स्कूल नवाबी रोड, विस्डम पब्लिक स्कूल रामपुर रोड, इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल रामपुर रोड, किंग्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शेमफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोटाहल्दू तथा हिमालया विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

जांच में सामने आई अनियमितताएं

1. एनसीईआरटी के अलावा महंगी निजी पुस्तकों को अनिवार्य करना

2. किताबों का अनुपात कई कक्षाओं में दो-तीन गुना तक अधिक

3. विशेष दुकानों/विक्रेताओं से खरीदारी के लिए दबाव

4. विद्यालय वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाओं का अभाव

आदेश में राइट टू एजुकेशन 2009, सीबीएससी दिशा-निर्देश एवं कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 का हवाला देते हुए इसे नियमों का उल्लंघन और अनुचित व्यापार व्यवहार बताया गया है।

सीईओ के सख्त निर्देश

1. 15 दिन के भीतर संशोधित बुक लिस्ट जारी करें

2. केवल आवश्यक व एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों को प्राथमिकता दें

3. वेंडर/दुकान की अनिवार्यता तत्काल समाप्त करें

4. वेबसाइट पर बुक लिस्ट व फीस संरचना सार्वजनिक करें

5. अतिरिक्त शुल्क का समायोजन/रिफंड करें

कार्रवाई की चेतावनी

निर्देशों का पालन न करने पर मान्यता निलंबन/समाप्ति, जुर्माना व अन्य कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही 15 दिन के भीतर संयुक्त जांच समिति द्वारा निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

जिला प्रशासन की इस सख्ती को अभिभावकों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।