Aug 22, 2026 Login

बाढ़ का बढ़ता खतरा: यूपी में गंगा-घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर! वाराणसी के 84 घाट डूबे, मणिकर्णिका की छत पर हो रहा अंतिम संस्कार

Rising flood threat: Six rivers in UP, including the Ganga and Ghaghara, are flowing above the danger mark! All 84 ghats in Varanasi are submerged; cremations are being performed on the roof of Manik

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। गंगा और घाघरा समेत छह प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और राहत-बचाव की तैयारियां तेज की गई हैं। राजधानी लखनऊ, बाराबंकी समेत पांच शहरों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रदेश के कई हिस्सों में चिंता बढ़ा दी है। सबसे गंभीर तस्वीर वाराणसी से सामने आई है, जहां गंगा का पानी लगातार घाटों की सीढ़ियों और आसपास के इलाकों में फैल रहा है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को नदी का जलस्तर 68.74 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंगा का जलस्तर करीब 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हालांकि, खतरे का निशान 71.26 मीटर है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर वाराणसी के घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। शहर के सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं। घाटों के बीच संपर्क मार्ग और रिवरफ्रंट के कई हिस्सों में भी पानी भर गया है, जिससे एक घाट से दूसरे घाट तक आवाजाही प्रभावित हुई है। पानी बढ़ने के कारण मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था छत पर करनी पड़ रही है। वहीं, दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के चलते घाटों पर सामान्य गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

नावों के संचालन पर प्रशासन ने लगाई रोक
गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी में छोटी-बड़ी सभी नावों के संचालन पर रोक लगा दी है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और जलमग्न घाटों के आसपास जाने से बचने की अपील की जा रही है। घाटों की सीढ़ियां और रास्ते पानी में डूबने के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। प्रशासन की नजर जलस्तर पर लगातार बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले समय में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। लगातार बारिश के चलते उत्तर प्रदेश में गंगा और घाघरा समेत छह नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है। बारिश का असर केवल नदी किनारे बसे इलाकों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के कई शहरों में भी लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे जलभराव और यातायात की समस्याएं बढ़ने की आशंका है।

उत्तराखंड में मसूरी-देहरादून मार्ग पर लैंडस्लाइड
उत्तराखंड में भी बारिश का असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। मसूरी-देहरादून रोड पर पानी वाला बैंड के पास लैंडस्लाइड के कारण सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इससे इस मार्ग पर यातायात बाधित हो गया और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क धंसने की सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और यातायात बहाल करने के लिए काम शुरू किया। फिलहाल एक लेन को बहाल करने की कोशिश की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं यातायात के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।