उत्तराखण्ड: हरिद्वार-ऋषिकेश में कूड़े के डंपिंग जोन से स्वास्थ्य पर संकट! हाईकोर्ट से याचिकाकर्ता को एनजीटी जाने की मिली स्वतंत्रता
नैनीताल। उतराखंड हाईकोर्ट में 2027 में होने वाले कुंभ मेले से पहले हरिद्वार और ऋषिकेश में बने कूड़ा डंपिंग जोन को हटाए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि वह मामले में एनजीटी के समक्ष नई अर्जी दाखिल कर सकता है। या पहले से लंबित मामले में शामिल होकर अपनी मांग रख सकता है। बता दें कि नेशनल पब्लिक ट्रस्ट की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि हरिद्वार और ऋषिकेश में लंबे समय से बने डंपिंग जोन में बड़ी मात्रा में कूड़ा और अन्य सामग्री एकत्र की जा रही है। इसके चलते आसपास रहने वाले लोगों को गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि डंपिंग जोन के आसपास संक्रमण फैल रहा है और स्कूलों व रिहायशी इलाकों के नजदीक होने के कारण लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। साथ ही कहा गया है कि इस क्षेत्र में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है।याचिकाकर्ता की मुख्य मांग है कि इन डंपिंग जोन को रिहायशी और आबादी वाले क्षेत्रों से हटाया जाए और कूड़े के निस्तारण में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की निर्धारित गाइडलाइंस का पालन कराया जाए।