नैनीताल:झील किनारे कंक्रीटीकरण पर बढ़ा विवाद!49 लाख के पार्क निर्माण और छह कंक्रीट हट्स पर नयना देवी व्यापार मंडल ने जताई आपत्ति,उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देकर प्रशासन से निर्माण कार्य रोककर वैधानिक जांच की मांग
नैनीताल।
माँ नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल ने नैनी झील के आसपास चल रहे निर्माण कार्यों और झील किनारों पर किए जा रहे कंक्रीटीकरण पर गंभीर आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने झील तट के समीप बनाए जा रहे पार्क और झील किनारों पर प्रस्तावित कंक्रीट ढांचों के निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि नैनी झील केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि नैनीताल नगर की पहचान, पर्यावरणीय संतुलन और अस्तित्व का आधार है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका परिषद नैनीताल द्वारा बोट हाउस क्लब के समीप लगभग 48.69 लाख रुपये की लागत से पार्क के निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य में अत्यधिक कंक्रीट का उपयोग किया जा रहा है, जो पालिका उपविधियों तथा न्यायालयों द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की भावना के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि झील के किनारों पर लगभग छह कंक्रीट ढांचों का निर्माण किया जा रहा है। व्यापार मंडल का दावा है कि इन निर्माण कार्यों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
व्यापार मंडल ने अपने ज्ञापन में उत्तराखंड उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि नैनी झील एवं उसके पुनर्भरण क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2022 में उच्च न्यायालय ने झील तल पर अवैज्ञानिक निर्माण और कंक्रीटीकरण रोकने तथा अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। साथ ही वर्ष 1993 के न्यायिक निर्देशों में भी नैनीताल में अनियंत्रित और व्यावसायिक निर्माण गतिविधियों को सीमित रखने की बात कही गई है।
व्यापार मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित निर्माण कार्यों की तकनीकी, वैधानिक और पर्यावरणीय जांच कराई जाए तथा इसकी रिपोर्ट दस दिनों के भीतर सार्वजनिक की जाए। साथ ही निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोककर उनके औचित्य और वैधता का परीक्षण कराया जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापार मंडल उच्च न्यायालय अथवा अन्य सक्षम मंचों का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि पर्यटन सचिव, कुमाऊं मंडल आयुक्त, कुमाऊं मंडल विकास निगम, जिला विकास प्राधिकरण, नगर पालिका परिषद और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।