पश्चिम एशिया में फिर भड़का युद्ध का खतरा: लाल सागर में हूती लड़ाकों ने सऊदी जहाजों को बनाया निशाना, मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहल उठा क्षेत्र

Threat of war flares up again in West Asia: Houthi fighters target Saudi ships in the Red Sea; the region shaken by missile and drone attacks.

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर गहरा झटका लगा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बुधवार को लाल सागर में एक सऊदी सैन्य परिवहन पोत पर भीषण हमला कर दिया। इसके साथ ही यमन के विभिन्न इलाकों में स्थित सऊदी समर्थित ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए गए हैं। इस ताजा सैन्य टकराव के बाद क्षेत्र में व्यापक युद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा है।

हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की पुष्टि की है। उन्होंने दावा किया कि मोचा और मारिब क्षेत्रों में स्थित सऊदी अरब के प्रमुख सैन्य अड्डों, कमान केंद्रों और हथियार डिपो को निशाना बनाया गया। हूतियों का दावा है कि उनके मिसाइल व ड्रोन हमले बेहद सटीक थे, जिनमें कई सऊदी सैनिकों समेत दर्जनों लोग हताहत हुए हैं। हूती लड़ाकों ने चेतावनी दी है कि यदि सऊदी अरब ने अपनी सैन्य गतिविधियां बंद नहीं कीं, तो उस पर आगे भी ऐसे ही बड़े हमले जारी रहेंगे। लाल सागर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'बाब अल-मंदेब' जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का बाकायदा ऐलान कर दिया है। इससे पहले भी बाब अल-मंदेब में एक वाणिज्यिक पोत पर हुए मिसाइल हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिसका आरोप यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूतियों पर लगाया था। लाल सागर में सऊदी जहाजों पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों पर भी खतरा बढ़ गया है। यमन में सालों से जारी संघर्ष में सऊदी समर्थित सरकार और ईरान समर्थित हूती लड़ाकों के बीच तनाव की मुख्य वजह बीती 13 जुलाई की एक घटना बनी। रिपोर्ट के मुताबिक, जब कुछ प्रमुख हूती नेता ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तो यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने उनके विमान को राजधानी सना के एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति नहीं दी। इस कदम से भड़के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और उसके सहयोगी बलों के खिलाफ फिर से सीधी जंग का ऐलान कर दिया। हूतियों के उकसावे के जवाब में सऊदी अरब ने भी हाल के दिनों में यमन स्थित हूती ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए थे। दोनों ओर से लगातार हो रही इस सैन्य कार्रवाई ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को बढ़ा दिया है। यमन में पिछले कुछ समय से बना नाजुक संघर्षविराम अब पूरी तरह ध्वस्त होता दिख रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में एक बार फिर भारी अस्थिरता और मानवीय संकट पैदा होने की आशंका गहराई गई है।