उत्तराखण्ड के दो बेटों की 97 दिन बाद घर वापसी! रूस में फंसे आनंद-भूपेंद्र सुरक्षित लौटे, दिल्ली होटल अग्निकांड मामले में फंसे शेफ केशव नेगी से मिले मुख्यमंत्री

Two sons of Uttarakhand return home after 97 days! Anand and Bhupendra, stranded in Russia, have returned safely; the Chief Minister met Chef Keshav Negi, who was involved in the Delhi hotel fire inc

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप और राज्य सरकार के प्रयासों के बाद रूस में करीब 97 दिनों से फंसे पिथौरागढ़ निवासी दो भाई आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की आखिरकार सकुशल अपने घर लौट आए हैं। दोनों भाइयों की सुरक्षित वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है और लंबे समय से बनी चिंता अब राहत में बदल गई है। घर लौटने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों भाइयों से फोन पर बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम जानी और रूस में उनके साथ घटे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। परिजनों ने दोनों बेटों की सकुशल वापसी के लिए मुख्यमंत्री के संवेदनशील हस्तक्षेप और त्वरित प्रयासों के प्रति आभार जताया है। जानकारी के अनुसार, आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की को विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने का भरोसा देकर रूस भेजा गया था। परिवार का आरोप है कि सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से दोनों को विदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई और रोजगार के नाम पर उनसे करीब आठ लाख रुपये लिए गए। इसके बाद दोनों भाई रूस के लिए रवाना हुए।

5 मई को भारत से निकले, 6 मई को पहुंचे मॉस्को
परिजनों के मुताबिक दोनों भाई 5 मई 2026 को भारत से रवाना हुए थे और अगले दिन यानी 6 मई को मॉस्को पहुंचे। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश पहुंचने के बाद दोनों को तय रोजगार मिलेगा और वे सुरक्षित तरीके से काम कर सकेंगे। हालांकि रूस पहुंचने के बाद परिस्थितियां परिवार की उम्मीदों के विपरीत हो गईं। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों को उस काम में नहीं लगाया गया, जिसके लिए उन्हें विदेश भेजा गया था। इसके बजाय उनकी इच्छा के विपरीत अन्य कार्य कराए गए और काम के बदले उन्हें पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया। परिवार के अनुसार, दोनों भाइयों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति भी नहीं थी। काम करने से इनकार करने पर कथित तौर पर उन्हें धमकाया जाता था। लंबे समय तक दोनों भाइयों से नियमित संपर्क नहीं होने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती गई। अंतिम संपर्क के दौरान युवकों ने जिस परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन अथवा मिसाइल हमले की जानकारी भी परिजनों को दी थी। इस सूचना के बाद परिवार की चिंता और गहरा गई और उन्होंने दोनों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई। मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और जल्द से जल्द भारत वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य सरकार के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क और समन्वय स्थापित किया। लगातार किए गए प्रयासों के बाद दोनों भाइयों की सुरक्षित भारत वापसी संभव हो सकी। करीब 97 दिनों तक चले लंबे इंतजार के बाद जब दोनों अपने घर पहुंचे तो परिजनों ने राहत की सांस ली। परिवार ने मुख्यमंत्री और सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के प्रति आभार जताया।

दिल्ली होटल अग्निकांड मामले में फंसे शेफ केशव नेगी से मिले सीएम धामी
इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड प्रकरण में कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे उत्तराखण्ड निवासी शेफ केशव नेगी से भी मुलाकात की। केशव नेगी ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट कर सरकार की ओर से मिले सहयोग और संवेदनशीलता के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान केशव नेगी का हालचाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय सरकार का दायित्व केवल प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपने नागरिकों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें न्यायोचित सहायता उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए यथासंभव सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।