नैनीताल:दूषित पानी, बीमार ग्रामीण और तीन मौतें…! ज्योलीकोट का दूषित पानी पहुंचा हाईकोर्ट, डीएम-सीएमओ समेत अधिकारियों को 24 घंटे में तलब
नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल से ग्रामीणों के बीमार पड़ने और तीन लोगों की मौत का मामला अब उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में याचिकाकर्ता रविंद्र बिष्ट ने हाईकोर्ट में इसे मेंशन किया, जिसके बाद अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम, सीएमओ समेत जल संस्थान के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिला जल निगम के अधिकारियों को अगली सुनवाई में तलब किया गया है। कोर्ट ने जल निगम से अब तक की गई कार्रवाई और दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी मांगी है। साथ ही प्रभावित परिवारों को साफ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें कि बल्दियाखान निवासी रविंद्र बिष्ट की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि नैनीताल जिले के ज्योलीकोट समेत आसपास की पांच ग्राम सभाओं में पिछले करीब तीन महीने से दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है। याचिका के अनुसार दूषित पानी के कारण दर्जनों ग्रामीण पीलिया की चपेट में आ चुके हैं, जबकि बीते दिनों तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी याचिका में लगाया गया है। याचिकाकर्ता के मुताबिक उनके गांव का एक युवक वर्तमान में बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती है। दूषित पेयजल और जल प्रदूषण की शिकायतों से प्रभावित क्षेत्रों में बल्दियाखान, गठिया, सरियाताल और बलूटी समेत आसपास के गांव शामिल हैं। अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की गंभीरता से जांच होगी और उन्हें जल्द सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। कोर्ट ने अधिकारियों से यह भी जानना चाहा है कि अब तक दूषित पानी की समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए और आगे इसे रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की जाएगी। ऐसे में अगली सुनवाई में प्रशासन और जल निगम की ओर से रखी जाने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजरें रहेंगी।