Sep 07, 2026 Login

उत्तराखंड के मतदाताओं के लिए राहत की खबर: एसआईआर की डेडलाइन बढ़ी, अब 3 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

Relief for Uttarakhand voters: SIR deadline extended; final electoral roll to be released on October 3.

देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। पूर्व में तय कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब निर्वाचन आयोग ने इसमें 17 दिनों का अतिरिक्त समय देते हुए अंतिम प्रकाशन की तिथि 3 अक्टूबर 2026 तय कर दी है। इस फैसले से उन हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिनके आवेदनों का निस्तारण अभी प्रक्रिया में है।

उत्तराखंड के मतदाताओं के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्वाचन आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी है। पहले जहां अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को होना था, अब इसे बढ़ाकर 3 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए भी आयोग ने अतिरिक्त समय दिया है। अब यह प्रक्रिया 28 सितंबर तक पूरी की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने यह फैसला नोटिस फेज, दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया में अपेक्षित समय लगने के कारण लिया है। पहले दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 11 सितंबर निर्धारित थी। समय सीमा बढ़ाए जाने से मतदाताओं को भी अपनी प्रविष्टियों में सुधार, नाम जुड़वाने या हटाने से संबंधित मामलों के निस्तारण का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार उत्तराखंड में कुल 71,33,785 मतदाता दर्ज हैं। इनमें से 24,30,387 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। आयोग के अनुसार इनमें से 24,29,524 नोटिस की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि केवल 863 नोटिस की सुनवाई बाकी है। इस तरह नोटिस से संबंधित करीब 99.96 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। हालांकि आयोग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती दावे और आपत्तियों से जुड़े फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के निस्तारण की है। यही वजह है कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ाई गई है। 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि में निर्वाचन आयोग को कुल 3,19,309 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें फॉर्म-6 के 1,37,146, फॉर्म-7 के 1,30,382 और फॉर्म-8 के 51,781 आवेदन शामिल हैं। इनमें से अभी तक 80,239 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 2,39,070 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं। यानी प्राप्त कुल आवेदनों में लगभग 25 प्रतिशत का ही निस्तारण हो पाया है। लंबित आवेदनों की बड़ी संख्या को देखते हुए आयोग ने निस्तारण की समय सीमा बढ़ाकर 28 सितंबर कर दी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो फॉर्म-6 के कुल 1,37,146 आवेदनों में से 22,567 का निस्तारण हो चुका है, जबकि 1,14,579 आवेदन लंबित हैं। फॉर्म-6 मुख्य रूप से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह फॉर्म-7 के कुल 1,30,382 आवेदनों में से 44,132 का निस्तारण हो चुका है और 86,250 आवेदन अभी कार्रवाई की प्रक्रिया में हैं। फॉर्म-7 मतदाता सूची से नाम हटाने या संबंधित आपत्तियों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं फॉर्म-8 के कुल 51,781 आवेदनों में से 13,540 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 38,241 आवेदन लंबित हैं। फॉर्म-8 के जरिए मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार अथवा स्थानांतरण जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। एसआईआर कार्यक्रम में बदलाव के बाद अब निर्वाचन आयोग के सामने 28 सितंबर तक दावे और आपत्तियों के सभी लंबित मामलों का निस्तारण करने की चुनौती है। इसके बाद प्रक्रिया पूरी कर 3 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। समय सीमा बढ़ने से उन मतदाताओं को भी राहत मिलेगी, जिनके नाम, पते या अन्य विवरण को लेकर दावे-आपत्तियां दर्ज हैं और जिनके आवेदन अभी निस्तारण की प्रक्रिया में हैं। अंतिम सूची जारी होने के बाद ही प्रदेश की मतदाता सूची की वास्तविक और संशोधित तस्वीर पूरी तरह सामने आएगी।