Sep 07, 2026 Login

नैनीताल:ज्योलीकोट में दूषित पानी से हो रही जानलेवा बीमारी पर जागा प्रशासन, डोर-टू-डोर सैंपलिंग और स्वास्थ्य शिविर के आदेश,लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

Nainital: Administration wakes up to deadly diseases caused by contaminated water in Jyolikot, orders door-to-door sampling and health camps; action will be taken if negligence is found.

नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों से लगातार लोगों के बीमार होने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए सोमवार को व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने ज्योलीकोट, गाजा, सरियाताल, छीड़ा सहित आसपास के गांवों का दौरा कर बीमार ग्रामीणों और अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बीमारी की रोकथाम और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने बीरभट्टी स्थित सीवरेज लाइन के चैंबर से हो रहे लीकेज का भी जायजा लिया। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को लीकेज की मरम्मत और शिफ्टिंग का कार्य तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में डोर-टू-डोर ब्लड और वायरस सैंपलिंग, स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ क्षेत्र में लगातार मौजूद रहेगी और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर हायर सेंटर रेफर किया जाएगा।
पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सीडीओ ने जल संस्थान और पेयजल निगम को सख्त निर्देश दिए। प्रत्येक जल स्रोत से नियमित सैंपल लेने, क्लोरीनेशन और पानी की शुद्धता की जांच करने के साथ ही जल स्रोत से लेकर अंतिम घर तक पानी के नमूने लेकर जांच करने को कहा गया है। पिछले तीन माह में पेयजल टैंकों, जल स्रोतों और घरों से लिए गए सभी सैंपलों की रिपोर्ट भी तलब की गई है।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि जांच में दूषित पाए जाने वाले जल स्रोतों को तहसीलदार द्वारा सील किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परिवार तक दूषित पानी न पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना जल संस्थान की जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
वहीं पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने की बात भी मुख्य विकास अधिकारी ने कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जिस भी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला प्रशासन को सूचना दें।