Sep 07, 2026 Login

सत्य निकेतन हादसाः बिल्डिंग मालिक, बेटा और पत्नी गिरफ्तार! दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, मांगा जवाब

Satya Niketan Incident: Building owner, son, and wife arrested! Delhi High Court reprimands authorities, seeks a response.

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल की जा रही इमारत के ढहने के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। हादसे के सिलसिले में पुलिस ने अब तक बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनके बेटे महेश और पत्नी उर्मिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हरिराम गुप्ता के नाम पर इमारत का बिजली कनेक्शन था, जबकि उनका बेटा महेश बिल्डिंग का प्रबंधन देखता था। वहीं संपत्ति के दस्तावेजों में इमारत उनकी पत्नी उर्मिला के नाम दर्ज थी। इमारत गिरने की इस दर्दनाक घटना में 7 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में पांच छात्र भी शामिल हैं। करीब 27 घंटे तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने की पुष्टि की है। हादसे के बाद अब पुलिस जांच के साथ-साथ इमारत की सुरक्षा, निर्माण और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव एजेंसियों ने तत्काल अभियान शुरू किया। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव दलों ने लगातार कई घंटे तक अभियान चलाया। करीब 27 घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान मलबे से लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव अभियान पूरा होने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी 20 वर्षीय अभिषेक, छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 वर्षीय युवराज सोनी, उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी 17 वर्षीय पवन, मध्य प्रदेश के देवास निवासी 19 वर्षीय अर्पित जहाज और मध्य प्रदेश के कटनी निवासी 18 वर्षीय अक्षत सिंह यादव शामिल हैं। इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी हादसे में मौत हुई है। एक मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। पांच छात्रों की मौत ने इस हादसे को और भी गंभीर बना दिया है। हादसे में घायल हुए लोगों में 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नितीश चिब और 18 वर्षीय मोहम्मद अयान शामिल हैं। इनमें से तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से उसे गिरफ्तार किया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने उसके पालम विहार स्थित आवास पर भी छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है। पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी दबिश दी। आखिरकार पुलिस ने उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया। अब मामले में उसके बेटे महेश और पत्नी उर्मिला की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। 

MCD के पांच अधिकारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
हादसे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। मामले में MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों के निलंबन के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इमारत में संचालित PG हॉस्टल की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी और क्या निर्माण या सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन की जानकारी संबंधित विभाग को थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मांगा जवाब
सत्य निकेतन में PG हॉस्टल के रूप में संचालित दो इमारतों के गिरने के मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। अदालत ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और MCD की ओर से अदालत में पेश होंगे। मामले की अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी।