Sep 07, 2026 Login

बिग ब्रेकिंगः फर्जी दस्तावेज-पासपोर्ट मामले में आचार्य बालकृष्ण को बड़ी राहत! सीबीआई कोर्ट ने किया बरी, 15 साल बाद मिली राहत

Big Breaking: Major relief for Acharya Balkrishna in the fake documents and passport case! Acquitted by the CBI court; relief comes after 15 years.

देहरादून। बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से जुड़े फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट मामले में देहरादून की सीबीआई अदालत ने आज अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने आचार्य बालकृष्ण को मामले में बरी कर दिया है। यह मामला कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोपों से जुड़ा हुआ था। सीबीआई के अनुसार, बालकृष्ण ने पासपोर्ट बनवाने के लिए बरेली स्थित पासपोर्ट कार्यालय में खुर्जा के एक संस्कृत महाविद्यालय से जुड़े कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। मामले में उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं और पासपोर्ट अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में आज कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इस मामले में बालकृष्ण को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने जांच में दावा किया कि आचार्य ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा स्थित श्री राधा कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय से 1997 में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र हासिल किया। वहां से प्राचार्य प्रोफेसर नरेश द्विवेदी ने उन्हें यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। इस मामले में प्रोफेसर द्विवेदी को भी सीबीआई ने सह आरोपित बनाया था।